Saturday, 5 August 2017

खुसखबरी: 12वीं पास भरें ये फॉर्म ,सरकार हर माह डालेगी आपके खाते में पैसा



भारत में युवा पीढ़ी के बेरोजगारों को उपेक्षा की नजर से देखा जाता है।

लेकिन अापकी परेशानी अब दूर होने वाली हैं क्योंकि12वीं पास युवाओं के लिए सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लिया है।

12वीं पास यवा जो बेरोजगार हैं सरकार उनके खाते में अब हर माह पैसा जमा करवाएगी। अगर अाप भी बेरोजगार हैं तो देर न करें और आज ही ये फॉर्म भर लें।

दरअसल, हजारों युवाओं ने ये फॉर्म भर लिया है मगर जिन्होंने अभी तक ये फॉर्म नहीं भरा वे तुरंत इसे भर लें। आप तुरंत ही अपने नजदीकी रोजगार कार्यालय में जाकर ये फॉर्म मांग सकते हैं।

इसके अलावा अब इस फॉर्म को ऑनलाइन भी भरा जा सकता है। इसके लिए श्रम एवं रोजगार कार्यालय की वेबसाइट पर जाकर लॉग इन किया जा सकता है।

Thursday, 3 August 2017

योगी सरकार के हाथ लगी है ऐसी गोपनीय लिस्ट जिससे हो सकता है बड़ा खुलासा…


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी अपने काम करने के तरीके से हमेशा से चर्चा में रहते है l

जब वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने तो उनके फैसलों ने पूरे प्रशासन को हिला कर रख दिया l योगी सरकार ने मुख्यमंत्री बनते ही नई नई योजनाओं की घोषणा की l

उन्होंने कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन को सख्त दिशा निर्देश दिए है l योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी तरह की कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी l

योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही सबसे पहले क़ानून व्यवस्था को सुधारने के लिए कड़े कदम उठाये l

इस बार योगी आदित्यनाथ को एक ऐसी लिस्ट मिली है जिसमें 100 बड़े अधिकारियों के नाम लिखे है l ये वो अधिकारी है जिनके पास आय से अधिक संपत्ति है l

कुछ अधिकारियों के माफियाओं के साथ सम्बन्ध है तो कोई गलत तरीके से शस्त्र का लाइसेंस बनवाता है l इनमें से कुछ ऐसे अधिकारी भी है जिन्होंने अपने रसूख के दम पर जांच को दबा रखा है l

इस लिस्ट में कुछ नाम ऐसे भी है जिन पर अवैध खनन, कटान और ठेके के पट्टे की रिपोर्ट है l इस खबर का खुलासा एक ट्वीट के माध्यम से पता चली है l इस ट्वीट में यूपी के 100 अधिकारियों के बारे में लिखा है l

योगी सरकार ने इस लिस्ट को जारी कर दिया तो कई अधिकारियों की रातों की नीद भी उड़ जायेगी l इस लिस्ट में कई 100 अधिकारियों में 54 आई.ए.एस. और 12 आई.पी.एस. के साथ 16 पी.सी.एस. अधिकारियों के नाम शीर्ष पर है l

योगी सरकार इन सब अधिकारियों पर बड़ी कार्यवाही कर सकती है l इन अधिकारियों के साथ साथ ही इनसे जुड़े अन्य लोगों पर भी शिकंजा कसा जायेगे l

बिना काम किए आपके खाते में आएंगे 9 हजार रुपए, जानिए कैसे आएंगे ये पैसे


नई दिल्ली। आपको यह खबर झूठी लग रही होगी लेकिन यह सच है। यदि केंद्र में सत्तारूढ़ मोदी सरकार की योजना सफल रहती है तो हर साल 18 करोड़ लोगों के बैंक खाते में करीब 9 हजार रुपए आएंगे।

ये पैसा सरकार आपको फूड सब्सिडी के रूप में देगी और इसके लिए एक ट्रायल भी शुरू किया जा रहा है।

कैसे होगा ये सब
मौजूदा व्यवस्था के अनुसार सरकार आपको खाने पर सब्सिडी दे रही है। आप देश की 5 लाख 27 हजार सरकारी राशन की जिन दुकानों से एक से लेकर तीन रुपए प्रति किलो तक गेंहू या चावल लेकर आते हैं उसकी लागत सरकार को 25 से 30 रुपए प्रति किलो तक पड़ता है और सरकार को इस पर प्रति किलो 20 से 25 रुपए तक घाटा पड़ता है।

देश की सावर्जनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस)में इतने छेद हैं कि कई ऐसे लोग भी सरकार की सब्सिडी का फायदा उठा लेते हैं जो इसके हकदार नहीं होते। मौजूदा प्रणाली की खामियों को दूर करने के लिए सरकार नई व्यवस्था लागू करने जा रही है। जिसके तहत बीपीएल और एपीएल परिवारों को हर महीने सब्सिडी वाले राशन की बजाए सब्सिडी की रकम केश में दी जाएगी।

कैसे आएंगे खाते में 9 हजार
एक अनुमान के अनुसार देश में एपीएल और बीपीएल कैटागरी के राशनकार्ड धारकों की संख्या 18 करोड़ के पार है। सरकार के आंकड़े के मुताबिक सब्सिडी वाले अनाज का फायदा करीब 81 करोड़ लोगों को मिलता है और इस पर हर साल सरकार का 1.40 लाख करोड़ रुपया खर्च होता है।

यानी सरकार हर महीने करीब 11 हाजर 666 करोड़ रुपए का खर्च फूड सब्सिडी की रूप में करती है। अब यदि इस रकम को एक परिवार में पांच सदस्य मानकर वितरीत किया जाए तो हर परिवार को महीने में औसतन 750 रुपए तक कि सब्सिडी मिल सकती है।

ये हर राज्य में अलग भी हो सकती है। इस हिसाब से देश के 18 करोड़ लोगों को हर साल 8 से लेकर 9 हजार रुपए तक की नकद राशि अनाज खरीदने के लिए उनके खातों में मिलेगी।

कैसे सुनिश्चित होगा अनाज पर खर्च
सरकार का इरादा फूड सब्सिडी को एलपीएजी सब्सिडी जैसी व्यवस्था कायम करके सीधा नकद सब्सिडी आम लोगों तक पहुंचाने का है। इसके तेहत देश में 5 लाख 27 हजार राशन डिपो हैं जिसमें से 2 लाख 20 हजार डिपो को इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल से जोड़ा जा चुका है।

रांची में नई व्यवस्था का पाइलट प्रोजेक्ट भी शुरू होने जा रहा है जिसके तहत सरकार खाताधारकों को कैश सब्सिडी देगी और खाता धारक उस पैसे से इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल वाले राशन डिपो से अनाज खरीदेंगे। इससे राशन डिपो होल्डर के पास हर महीने खरीदे जाने वाले अनाज और खाताधारकों की संख्या के साथ साथ सब्सिडी के रूप में दी गई रकम का खर्च अनाज पर होना सुनिश्चित हो जाएगा। राशान कार्डधारक जिस महीने अनाज नहीं खरीदेगा। अगले महीने उसकी नकद सब्सिडी रोकने का प्रावधान भी रखा जा रहा है।

Saturday, 29 July 2017

गीले मोजे पहनकर सोने के चमत्कारिक फायदे जानकर उड़ जायेंगे आपके भी होश




इस दुनिया में दो तरह के लोग हैं, एक वो जिनके पास सबसे ज्यादा पैसा है और उनको अपने जीवन में कोई भी परेशानी नहीं होती, और दुसरे वो जिनके पास खाने के लिए दो वक्त की रोटी तक नसीब नहीं होती है l

लेकिन इस दोनों में एक बात सामन्य होती है, ‘इनका स्वास्थ्य’ l अगर इन दोनों तरह के लोगों का शरीर जब तक स्वास्थ्य नहीं होगा l तब तक कोई भी सही से काम नहीं कर सकता है l
फिर चाहे वो मानसिक रूप से अस्वस्थ हो या शरीरिक, क्योंकि किसी भी काम को अच्छी तरह से करने के लिए दोनों रूप में स्वास्थ्य होना बहुत आवश्यक है l

जब प्राचीन काल में जब कोई व्यक्ति बीमार होता था, तो उनका उपचार जड़ी बूटी के द्वारा किया जाता था l लेकिन जैसे जैसे समय में बदलाव होता गया, वैसे वैसे संसाधनों में दिन प्रतिदिन बदलाव होता गया और इलाज करने के तरीकों में भी बहुत बदलाव हुआ l

अब कोई व्यक्ति अगर बीमार होता है तो उसको बड़े बड़े अस्पतालों में लेकर जाया जाता है l लेकिन हाल ही में गीले मोज़े पहनने के सबसे बड़े फायदों के बारे में पता चला है जिसके बाद आपके भी होश उड़ जायेंगे l

आपको जानकर हैरानी होगी कि गीले जुराब पहनकर सोने से उस बड़ी से बड़ी बिमारी का इलाज मुफ्त में हो जाता है, जिसके लिए हम लाखों रूपये बड़े बड़े आस्पताल में खर्च कर देते है l

जी हा’ अब आपको बताने जा रहे है कि जुराब पहनकर सोने के क्या फायदे होते है l

तो आपको बता दे, कि जब आप गिले जुराब पहनकर सोते है तो आपको कभी भी अनिद्रा की बीमारी नहीं होगी, क्योंकि कुछ लोग अनिद्रा की बीमारी से ग्रस्त होते है, जिसके लिए वो सारी रात रात भर जागकर निकाल देते है l

अनिद्रा की बीमारी को खत्म करता है
वैसे तो अनिद्रा के लिए बाज़ार में बहुत सी मेडिसिन है l लेकिन उनको खाना आपके लिए किसी जहर खाने से कम नहीं होगा l

लेकिन जो भी गीले जुराब पहनकर सोता है तो पैरो में जो दिमाग की नसें होती है गीले जुराब उनको शांत कर देते हैl और दिमाग के अंदर चल रही हलचल को समाप्त करके व्यक्ति को अच्छी नींद लेने में बहुत सहायता करते है l

पाचन शक्ति बढ़ाने में सहायता करते है
आपने सुना तो होगा ही कि हमारे पैरों में बहुत सी सूक्षम कोशिकाएं पाई जाती है l जिनमें से सबसे मुख्य होती है हमारे पाचन तंत्र की l जिन लोगों को पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याएँ होती है और उसके लिए किसी भी मेडिसिन का असर नहीं होता है तो गीले मोजे पहनकर सोना उसके लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा l ऐसा करने से पाचन संबंधी बीमारियाँ खत्म हो जाती है l

आँखों की रौशनी बढ़ाएं
आपने सुना होगा, कि सुबह सुबह गिली घास पर नंगे पावं चलने से हमारी आँखों की रोशनी बढ़ जाती है l लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि जब हम गीली जुराब पहनकर सोते है तो उससे भी हमारी आँखों की रोशनी बढ़ जाती है और आँखों से संबंधित जितनी भी बीमारियाँ होती है वो सभी खत्म हो जाती हैं l

गीले जुराबो को पहनकर और भी बहुत सी बिमारियों का अंत हो जाता है l जिसके लिए हम बहुत सारा पैसा बड़े बड़े अस्पतालों में खर्च कर देते है और फिर भी उस बिमारी से फिर भी निजात नहीं मिल पाती है l जैसे बुखार,लू लगना, जुखाम होना,सर दर्द इत्यादि l ये बीमारियाँ हमारे काम में बहुत बाधा उत्पन्न करती है l

Tuesday, 11 July 2017

राहुल गाँधी ने पूछा ‘हमारे प्रधानमंत्री चीन पर क्यों नही बोल रहे’ तो जवाब में उनको कुछ ऐसा मिला जिसे पढ़ने के बाद शायद वो सवाल पूछना ही बंद कर देंगे !


राहुल गाँधी अपनी राजनीति को दुरुस्त करने के लिए काफी मेहनत कर रहे हैं और इसके लिए जब उन्हें लगता है तब बोलते भी हैं.

मोदी इजराइल गये तो उसके कुछ दिन पहले राहुल गाँधी ने देश में वापसी की. दरअसल वो इटली चले गये थे और ऐसे वो बार बार करते हैं, जब भी देश में कोई गंभीर मुद्दा होता है वो देश के बाहर होते हैं.

इधर चीन से भारत का विवाद बढ़ा तो उन्होंने इस सीमा विवाद पर भी ट्विटर पर मोर्चा खोला. ट्विटर पर उन्होंने पीएम मोदी को घेरने की कोशिश की लेकिन दांव उल्टा पड़ गया और उनकी धज्जियां उड़ गईं.

राहुल गाँधी इससे पहले भी अपनी हरकतों से अपनी फजीहत करवा चुके हैं. कई ऐसे मौके आये जब राहुल गांधी के कई बयान लोगों को हँसने पर मजबूर कर जाते हैं.

मिला होश उड़ा देने वाला जवाब:
आपको बता दें कि राहुल गाँधी पीएम मोदी को घेरते हुए लिखा कि “चीन से हो रहे विवाद पर प्रधानमंत्री चुप क्यों है”, बस फिर क्या था राहुल गांधी का इतना लिखना ही था कि लोगों ने उनकी फजीहत करनी शुरू कर दी.

सुरेश नाम के एक यूजर ने राहुल गांधी को जवाब देते हुए कहा कि “पप्पू को बोलो तुम पोगो देखो चीन पाकिस्तान को जवाब बराबर दिया जा रहा है प्रधानमंत्री देश की तरफ से जवाब दे रहे है”

Sunday, 9 July 2017

शाहरुख ने बीच में ही छोड़ी कपिल शर्मा के शो की शूटिंग, जानें कपिल ने अब क्या किया



कपिल शर्मा के फैंस के लिए एक बुरी खबर है। हाल ही में शाहरुख खान और अनुष्का शर्मा अपनी अपकमिंग फिल्म 'जब हैरी मेट सेजल' के प्रमोशन के लिए कपिल शर्मा के शो में पहुंचे थे। लेकिन दोनों बिना शूट किए ही वापस लौट गए। इसकी वजह कपिल शर्मा हैं।

ये एक स्पेशल एपीसोड था। इसमें फिल्म के डायरेक्टर इम्तियाज अली भी आने वाले थे। लेकिन क‌पिल शर्मा की वजह से शूटिंग कैंसिल करनी पड़ी।

जानें आखिर कपिल ने ऐसा क्या किया जो शाहरुख ने शूट कैंसिल कर दिया।

दरअसल, शूटिंग शूरू होने से पहले कपिल शर्मा को उनकी तबीयत कुछ खराब लगी। इसलिए उन्होंने तुरंत डॉक्टर को बुलाया।

कपिल शर्मा को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। इस वजह से शाहरुख को शूटिंग कैंसिल करनी पड़ी।

अब कपिल शर्मा हॉस्पिटल में हैं और उनका परिवार उनकी देखभाल कर रहा है। इस बारे में कीकू शारदा ने बताया, 'शाहरुख खान के साथ शूटिंग होनी थी। पिछली रात कुछ प्रोमो भी शूट हुए थे। लेकिन शूटिंग शुरू होने से कुछ देर पहले वो चेकअप के लिए चले गए।'

कीकू ने कहा, 'उनकी तबीयत काफी खराब थी। डॉक्टर ने उन्हें एडमिट होने की सलाह दी। कपिल अभी भी हॉस्पिटल में हैं। अब शूटिंग 11 और 13 जुलाई को होगी।' बता दें कि कपिल को लो शुगर और हाई ब्लडप्रेशर की शिकायत है। ये स्ट्रेस की वजह से है।

Thursday, 15 June 2017

बंद कार में अक्षय कुमार ने किया कुछ ऐसा कि सोनाक्षी हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाने लगी


सोनाक्षी सिन्हा के बड़बोलेपन से यूं तो कई लोग परेशानी में आ जाते हैं।

लेकिन इस बार उनका बड़बोलापन अक्षय कुमार के लिए मुसीबत ला सकता है, क्योंकि अक्षय कुमार के बारे में उन्होंने एक ऐसी बात कर दी है जिसे सुनकर अब लोग उनके साथ उनकी कार में बैठने से कतराने लगेंगे।

खुद विवादों से दूर रहने वाले अक्षय के बारे में वह कौन सी बात है चलिए हम आपको बता देंते हैं।

दरअसल हाल ही में एक इंटरव्यू में अपने कोस्टार के बारे में बात करते हुए मैडम सोनाक्षी ने कहा कि यूं तो वह अक्सर अपने कोस्टार पर भारी पड़ती हैं, लेकिन जब बात अक्षय की आती है तो वह उनसे पंगा न लेकर शूटिंग के बाद कन्नी काटकर सीधे अपनी कार में बैठकर घर निकल जाती है।

सोना ने बताया कि एक बार मैंने गलती से अक्षय से पंगा ले लिया था और फिर उन्होंने मुझे उसकी जो सजा दी उसके बाद मैंने कसम खाई कि फिर कभी भी अक्षय से पंगा लेने की हिम्मत नहीं करूंगी।

उन्होंने बताया कि एक दिन शूटिंग के समय मैं अक्की को किसी बात पर चिढ़ा रही थी। शूटिंग खत्म होने के बाद मैं वह बात भूल गई और घर जाने लगी, लेकिन उसी समय अक्षय वहां आए और कहने लगे कि मेरे साथ चलो।

मैं भी उनके साथ उनकी कार मैं बैठ गई उसके बाद उन्होंने अपनी कार में मुझे बिठाकर जोर—जोर से अपने पुराने गाने बजाने शुरू कर दिए। पहले तो मुझे समझ नहीं आया कि ऐसा क्यों हो रहा है, लेकिन जैसे ही मेरी परेशानी देखकर वह मुस्कराए मैं समझ गई कि वह मुझसे बदला ले रहे हैं।

तेज वोल्यूम में बंद कार मैं उनके पुराने गाने सुनकर मेरे कान फटने वाले थे इसलिए मैंने उनसे विनती करनी शुरू की कि गाने बंद कर दें और वादा किया कि अब कभी अक्षय से पंगा लेनेकी गलती नहीं करूंगी।

Tuesday, 13 June 2017

कंगना रनौत के इस खुलासे के बाद हिल गया पूरा बॉलीवुड, सामने आया बॉलीवुड का गंदा सच


बॉलीवुड को लेकर आए दिन कई सारी खबरें सामने आती रहती हैं कई बार ऐसे सबूत सामने आए हैं जिससे ये साबित करना मुश्किल नहीं होगा कि बॉलीवुड की ये दुनिया जितनी चकाचौंध भरी होती है उतनी ही गंदगी भरी होती है।

हमेशा इस तरह की बातें सामने आई है कि यहां अभिनेत्रियों के साथ गलत काम किए जाते हैं जिसे लेकर कई बड़े खुलासे भी किए गए हैं।

आज ऐसा ही खुलासा बॉलीवुड में क्वीन नाम से पहचान बनाने वाली अभिनेत्री कंगना रनौत ने किया है इस खुलासे से पूरा बॉलीवुड हिल गया है।

लेकिन गौर करने वाली बात ये है कि बॉलीवुड में जिस बात को लेकर कंगना ने खुलासा किया है वो हर किसी के बस की बात नहीं होती क्‍योंकि होता तो हर किसी के साथ है कुछ लोग इसे छिपा लेते हैं या फिर बेइज्‍जती के कारण सामने नहीं रखते लेकिन कंगना उन अभिनेत्रियों में से हैं जो अपने बेबाक अंदाज के लिए पहचानी जाती हैं।

कंगना ने एक इंटरव्यू में इस गहरे राज से पर्दा उठा दिया है जिसे जानकर हर कोई स्‍तब्‍ध हो चुका है। कंगना ने सब कुछ बताया आखिर फ़िल्मी दुनिया में किस तरह से होती है एंट्री और अपने कैरियर बनाने के लिए क्या-क्या करना पड़ता है। वैसे आपको सुनने में हैरानी हो रही होगी लेकिन ये कोई नई बात नहीं है।

अगर शुरूआत में फिल्म में काम करना हो या कोई छोटा मोटा रोल भी करना हो तो कई लोगों के बिस्तर गर्म करने पड़ते हैं तब जाकर उन्हें वो रोल मिल पाता है लेकिन बदनामी के कारण कोई इस चीज को स्‍वीकार नहीं करता।

कंगना ने बताया की फिल्मों में काम करने के लिए उन्हें कई अभिनेताओं के साथ हम बिस्तर होना पड़ा था। बता दें कि कंगना के इस खुलासे के बाद से ही पूरा बॉलीवुड हिल गया है। खबरों की मानें तो कंगना के बारे में ये खबर साउथ इण्डिया की एक वेबसाईट ने प्रकाशित की थी जिसके बाद ये भी सुनने में आया कि इस खुलासे के बाद कई बड़े-बड़े लोगों का कंगना को फोन आने लगे ताकि उनका नाम सामने उजागर ना हो।

कांग्रेस ने पार की नीचता की सभी हदें, गुस्से से आगबबूला हुआ सेना का हर जवान


नई दिल्ली : आजकल एक फैशन सा चल पड़ा है, कमज़ोर कानून होने की वजह से जिसके मन में आता है सेना को गाली दे देता है. अब धीरे धीर ही सही देश के गद्दारों के चेहरे सामने आ ही रहे हैं.

जो देश की सेना की इज्जत नहीं कर सकता, वो क्या देश का सम्मान करेगा. वो सेना जिसके जवान अपनी जान पर खेलकर रात दिन दुश्मनो से हमारी रक्षा करते हैं. अभी कुछ वक़्त पहले ही इतिहासकार पार्थो चटर्जी ने आर्मी चीफ बिपिन रावत की तुलना जालियांवाला बाग़ कांड के हत्यारे, जनरल डायर से कर दी थी.

जिसके बाद पूरे देश की जनता ने ज़ोरदार गुस्सा दिखाया था. इस कड़ी में अब कांग्रेस पार्टी के नेता ने सेना प्रमुख के लिए शर्मनाक बयां देकर सियासी माहौल एक बार फिर गरमा दिया है.

कांग्रेस पार्टी पिछले कई दिनों से अपने देश विरोधी कर्मों की वजह से सुर्ख़ियों में बने हुए हैं
शुरआत होती है जब कांग्रेस पार्टी की युथ कांग्रेस के सदस्यों ने मोदी सरकार के मवेशियों की बिक्री पर रोक वाले कानून के विरोध में केरल के कन्नुर में बीच सड़क गाय के बछड़े को काट कर, गौ मांस की पार्टी करी थी.

उसके बाद अभी कुछ दिन पहले ही कांग्रेस ने अपनी एक मैगज़ीन में भारत के नक़्शे में कश्मीर को “भारत के कब्जे वाला कश्मीर” बता दिया था. वही अब मीडिया ख़बरों के मुताबिक कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने आर्मी चीफ बिपिन रावत को “सड़क का गुंडा” कह दिया है.

जिसके बाद ही सेना के जवानों ने इसका कड़ा विरोध जताया और कानूनी कार्यवाही की मांग करी है. कांग्रेस पार्टी ने तुरंत ही अपने आपको इस बयान से अलग कर लिया और इसे संदीप का निजी बयान बना कर अफ़सोस जता दिया.

भाजपा ने जताया कड़ा विरोध
वहीँ अब भाजपा पार्टी के केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बेहद गुस्सा जताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है “कांग्रेस पार्टी के साथ क्या समस्या है? कांग्रेस ने आर्मी चीफ को ‘सड़क का गुंडा’ कहने की हिम्मत कैसे की.”

भारतीय सेना का अपमान देश का अपमान है
संदीप दीक्षित ने कहा “पाकिस्तान को एक ही चीज़ तो करना आता है. वो है ऊल जलूल बयान बाज़ी करना. खराब तो तब लगता है जब हमारे भारतीय सेना के प्रमुख एक सड़क के गुंडे की तरह बयान देते हैं.

पाकिस्तान कैसा है ये तो पूरी दुनिया जानती है. लेकिन हमारे सेना अध्यक्ष भी इसी तरह का बयान क्यों देते हैं.” इसके साथ साथ संदीप दीक्षित ने जनरल बिपिन रावत की योग्यता और बर्ताव पर भी सवाल उठा दिए. हालाँकि आम जनता के गुस्से का पारा चढ़ता देख कर उन्होंने ये भी कहा कि अगर आपको मेरे शब्द गलत लगते हैं, तो मैं इन्हे वापस लेता हूँ.

Sunday, 4 June 2017

कश्मीरी पंडितों के लिए पीएम मोदी का ऐतिहासिक फैसला, विरोधियों में मचा बवाल


नई दिल्ली : राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मंगलवार को भी हुर्रियत नेता नईम खान से पाकिस्तानी और आतंकी संगठनों से फंडिंग मामले पर पूछताछ की.
दंगा फैलाने की एवज में पाकिस्तान और आतंकी संगठनों से फंडिंग के मामले के खुलासे के बाद एनआईए ने फारूक अहमद दार उर्फ बिट्टा कराटे, जावेद अहमद बाबा उर्फ गाजी से भी पूछताछ करी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब मोदी सरकार एक बार फिर जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंटे के नेता फारुख अहमद दार उर्फ बिट्टा कराटे के खिलाफ केस को फिर से खोलने जा रहा है.

मोदी सरकार कश्मीरी पंडितों को न्याय दिलवाएगी
मोदी सरकार ने फैसला लिया है कि “कश्मीरी पंडितों का कसाई” के नाम से कुख्यात बिट्टा कराटे की रिहाई की दुबारा जाँच की जाएगी. मोदी सरकार फारुख अहमद दार उर्फ बिट्टा कराटे के खिलाफ केस को फिर से खोलने जा रही है.

गृह राज्यमंत्री हंसराज अहिर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि “केंद्र सरकार कश्मीरी पंडितों को न्याय दिलवा कर रहेगी और केस को अब दुबारा खोला जायेगा. हम सुप्रीम कोर्ट में बिट्टा की रिहाई के आदेश के खिलाफ पुनर्विचार की याचिका दायर करेंगे.”

दरअसल साल 2006 में टाडा कोर्ट के जज ने बिट्टा कराटे को जमानत देते वक़्त कहा था कि इसके खिलाफ आरोप तो बहुत गंभीर हैं जिसके लिए इसे फांसी या उम्र कैद होनी चाहिए. लेकिन सबूतों के आभाव में चलते उसे ज़मानत दी जा रही है.

ऐसे में दस साल बाद ही सही पर किसी सरकार ने कश्मीरी पंडितों के दर्द को सुना तो सही. जिससे मोदी सरकार अब बिट्टा कराटे की रिहाई के खिलाफ वापस उसे जेल भिजवाने के लिए कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएगी.

कश्मीरी पंडितों का कसाई” का कबूल नामा
कुछ वक़्त पहले निजी न्यूज़ चैनल ने एक स्टिंग जारी किया था इस स्टिंग में बिट्टा ने कैमरे के सामने कबूला था कि 90 के दशक में जम्मू कश्मीर में आतंकवाद अपने पैर फैला रहा था और कश्मीरी पंडितों को मार मार के भगाया जा रहा था. उस वक़्त उसने 20 कश्मीरी पंडितों की निर्मम तरीके से हत्या करी थी.

1988 में बिट्टा कराटे ने पीओके में जाकर आतंकवादद की ट्रेनिंग ली थी. ट्रेनिंग के दौरान बिट्टा के अंदर जिहाद के नाम पर आतंकवाद का ज़हर घोला गया.
बिट्टा के मनसूबे इतने खतरनाक हो गए कि वह अपने परिवार की हत्या करने के लिए भी तैयार था. इसके बाद 22 जून 1990 को श्रीनगर से बिट्टा को गिरफ्तार कर लिया गया. 16 साल जेल में रहने के बाद सबूतों के आभाव में उसे छोड़ दिया गया.

लेकिन अब स्टिंग में कबूलनामा सामने आने के साथ ही हुर्रियत नेताओं की पाकिस्तानी फंडिंग को लेकर मोदी सरकार पूरे एक्शन में आ गयी है . बिट्टा कराटे समेत बाकी सभी नेताओं को एनआईए की टीम अब दिल्ली लाकर उनसे पूछताछ करेगी.

Thursday, 25 May 2017

मंदिर की दीवार से निकला 15 लाख करोड़ का खजाना, हीरे-जवाहरात देखकर फटी रह गईं आंखें


सोने की चिड़िया के नाम से प्रसिद्ध भारत देश को यूँ तो कई विदेशी आक्रमणकारियों ने लूटा, कई तो लूट कर सोना व् अन्य कीमती सामान अपने देश ले गए पर कई लूट करने के बाद भारत में ही बस गए और लोगों को गुलाम बना कर उनपर हुकूमत करने लगे।

उस काल में भारत की समृद्धि का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज भी कई प्राचीन स्थलों में खुदाई के दौरान सोना व्र अन्य कीमती वस्तुएं मिलने के समाचार आते रहते हैं।

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक 800 साल पुराना जैन मंदिर है, जहां खुदाई के वक़्त मुगल कालीन खजाना मिलने की खबर आयी है।

इस मंदिर की दीवारें करीब-करीब 14 इंच तक मोटी हैं, खबर है कि इसी की एक दीवार को तोड़ने पर मिट्‌टी के कई घड़े मिले जिन्हें खोलने पर उनमे से हीरे मिले हैं। इनमे से कुछ घड़ों के अंदर सोना भी है।

जो 15 मजदूर यहां खुदाई का काम कर रहे थे, उन्होंने चुपचाप इसे आपस में ही बांट लिया था। मगर खज़ाना बाटने को लेकर उनमे झगड़ा हो गया और फिर ये मामला पुलिस तक जा पहुंचा। पुलिस ने जब इस दबे हुए खजाने की कुल कीमत के बारे में पता लगाया तो वो भी हैरान रह गई।

पुरे खजाने की कुल कीमत 15 लाख करोड़ के लगभग बतायी जा रही है। हालांकि ये खजाना कब का है और इस मंदिर में कहां से और कैसे आ गया, ये बात अब तक पता नहीं चल पायी है।

घटना की जानकारी मिलते ही एडीशनल एसपी कमल मौर्य घटना स्थल पर मुआयना करने पहुचे, जहां जांच करने पर सोने और चांदी के सिक्के मिले जिनपर उर्दू की इबारत और चित्र अंकित थे। पूछताछ करने पर एक स्थानीय जानकार ने कहा कि सिक्कों पर ‘शहंशाह अहमद’ अंकित है।

इंटरनेट द्वारा इस बात की प्रमाणिकता की जांच की गयी तब पता चला कि 14वीं शताब्दी के आसपास उस जगह पर शहंशाह अहमद का शासन हुआ करता था।

इतिहासकारों के मुताबिक़ ‘शेरशाह सूरी’ ने किसी जमाने में दक्षिण भारत की यात्रा करने के लिए रन्नौद से होता हुआ एक रास्ता बनवाया था। किताब ‘आईने अकबरी’ में भी शिवपुरी जिले के कोलारस, नरवर और रन्नौद का उल्लेख है। इसे देख कर ये मालूम होता है कि ये इलाके उस वक़्त कितने संपन्न हुआ करते थे।

रन्नौद, शिवपुरी जिले से करीब 60 किलोमीटर दूर कोलारस में बसा है और इसे ऐतिहासिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। इतिहासकार अरुण अपेक्षित के मुताबिक़ मोहम्मद घोरी, अलाउद्दीन खिलजी, बाबर और औरंगजेब जैसे कई मुगल आक्रमणकारियों की सेनाओं ने दक्षिण भारत पर हमले करने के दौरान यहां पड़ाव डाला था।

बाद में मुगल आक्रमणकारियों ने रन्नौद की जागीर पिंडारी भाइयों को सौंप दी थी, जो जैन धर्म के अनुयायी थे। करीब 200 वर्षों तक इस जागीर पर जैनियों का नियंत्रण रहा, तभी से उनके वंशज रन्नौद में रहते आये हैं। रन्नौद में कई बेहद प्राचीन मंदिर, मठ, मस्जिदें व् दरगाहें हैं।

Wednesday, 24 May 2017

भयंकर गर्मी के बीच सीएम योगी ने लिया ऐसा गरमा-गर्म फैसला, मुस्लिम संगठनों के छूटे पसीने !


लखनऊ : देश कोई कुछ भी कर रहा हो लेकिन मीडिया और लोगों के दिलों पर तो यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ही छाए हुए हैं. प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश की जनता का कहना है कि उन्होंने योगी जैसा निडर और बेबाकी से फैसले लेने वाला सीएम पहले कभी देखा ही नहीं.

जनता की राय को सही साबित करते हुए सीएम योगी ने इस बार मुस्लिम महिलाओं के लिए ऐसा ही एक और जबरदस्त फैसला लिया है.

ट्रिपल तलाक से पीड़ित मुस्लिम महिलाओं को आर्थिक सहायता !

दरअसल सीएम योगी ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर पीएम मोदी और मुस्लिम महिलाओं के साथ खड़े हैं और उन्होंने फैसला लिया है कि ट्रिपल तलाक से पीड़ित सभी मुस्लिम महिलाओं को यूपी सरकार कानूनी व् अन्य सरकारी सहायता देंगी.

केवल इतना ही नहीं बल्कि ट्रिपल तलाक से पीड़ित महिलाओं को गुजर-बसर करने के लिए यूपी सरकार रानी लक्ष्मी बाई कोश से आर्थिक सहायता भी देगी.

इसे योगी सरकार का मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है क्योंकि कई महिलाएं इस डर से ट्रिपल तलाक के खिलाफ अपनी राय नहीं रख रही थी कि उनका गुजर-बसर कैसे होगा. लेकिन योगी के इस फैसले के बाद मुस्लिम महिलाएं खुलकर अपनी राय सामने रख सकेंगी और इससे पीएम मोदी को ट्रिपल तलाक ख़त्म करने के अपने वादे को पूरा करने में काफी मदद मिलेगी.

मुस्लिम महिलाओं की राय जानेगी सरकार !
यही नहीं बल्कि योगी सरकार ने सभी धर्मों की महिलाओं की सहायता के लिए रानी लक्ष्मीबाई कोश खोलने का फैसला भी ले लिया है. इसके साथ ही ट्रिपल तलाक पर सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले में योगी सरकार मुस्लिम महिलाओं का पक्ष रखने की तैयारी भी यूपी सरकार कर रही है.

सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम महिलाओं का साथ देने के लिए प्रदेश की सभी महिला मंत्रियों की तमाम सामाजिक संगठनों और मुस्लिम महिलाओं के साथ बैठक जारी है. 15 दिन के अंदर-अंदर इस बारे में एक रिपोर्ट तैयार हो जाएगी, जिसकी मदद से मुस्लिम महिलाओं का पक्ष सुप्रीम कोर्ट में अधिक मजबूत हो जाएगा.

सीएम योगी ने प्रदेश की मुस्लिम महिलाओं की ट्रिपल तलाक के बारे में राय जानने के लिए कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही सीएम योगी ने अनिवार्य विवाह पंजीकरण के लिये नियमावली से जुड़े जरुरी प्रस्ताव प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया है.

गौरतलब है कि बीजेपी ने अपने चुनावी घोषणापत्र में वादा किया था कि यूपी में सरकार बनते ही वो ट्रिपल तलाक को ख़त्म करने की दिशा में तेजी से काम करेंगे, और सीएम योगी ने जिस तरह से ट्रिपल तलाक के खिलाफ हल्ला बोल दिया है उसे देखकर लगने लगा है कि अब वो दिन दूर नहीं जब समाज से ट्रिपल तलाक का सदा-सदा के लिए अंत हो जाएगा.

Tuesday, 23 May 2017

मस्सों को सिर्फ 24 घंटे में दूर करते हैं केले के छिलके!


आज के समय में लोग तरह तरह के त्वचा रोगों से घिरे हुए हैं। जिसके से एक त्वचा पर मस्सों की समस्या भी है। कुछ लोगों को गंभीर मस्से होते हैं तो कुछ लोगों को हल्के मस्से होते हैं।

मस्से त्वचा पर एक उपज की तरह होते हैं, और सुसाध्य समझे जाते हैं। यानि कि वे कैंसरयुक्त नहीं होते। इसके बावजूद इनसे ग्रसित कई लोग इन्हें निकालने के लिए आतुर रहते हैं, क्योंकि उनके अनुसार मस्से त्वचा पर अच्छे नहीं दिखते और त्वचा भद्दी और बेकार लगती है।

अपने बदन से इस दाग को हटाने के लिए लोग तरह-तरह से डॉक्टर से परामर्श लेते हैं। कई लोग मस्से हटाने के लिए आॅपरेशन और लेजर ट्रीटमेंट तक करा लेते हैं। आज हम आपको मस्से हटाने के ऐसे अचूक उपाय बता रहे हैं जिससे आपकी समस्या चुटकी बजाते ही सही हो जाएगी। आइए जानते हैं क्या हैं वो उपाय।

केले से करें मस्से दूर
केला पौष्टिक तत्वों से भरपूर फल है। केला स्वास्थ्य लाभ देने के साथ ही मस्सों को भी सफाया करता है।

केले के छिलके में ऑक्सीकरण रोधी तत्व पाए जाते हैं जो मस्सों के लिए काल साबित हुए हैं। केले के छिलके से मस्सों को हटाने के लिए अपने मस्से को केले के छिलके के साथ अच्छी तरह बांध लें। ध्यान रहें इसे इस तरह बांधें कि यह लंबे समय तक टिक सके।

करीब 24 घंटे तक मस्से को बंधा रहने दें। कुछ ही दिनों तक ऐसा करने से मस्सा हमेशा के लिए झड़ जाएगा।
सेब का सिरका भी करता छूमंतर

सेब का सिरका भी मस्सों को छूमंतर करने का एक अचूक उपाय है। बस फर्क यह है कि इससे मस्सा झड़ता नहीं है बल्कि मस्सा धीरे-धीरे जलने लगता है।

दरअसल, सेब के सिरके में मस्से के जीवाणुओं को मारने की शक्ति होती है। साथ ही सेब का सिरका मस्सों को फैलने से भी बचाता है। रोजाना कॉटन या किसी सूती कपड़े में सिरके को रखें और इसे मस्से पर लगाएं। हफ्तेभर तक ऐसा करने से ही मस्से की समस्या से छुटकारा मिलता है।
शहद का करें इस्तेमाल

चाहे बाहरी हो या आंतरिक शहद खूबसूरती बरकरार रखने का सबसे अच्छा तरीका है। त्वचा पर चमक और निखार लाने के साथ ही शहद की मदद से मस्सों से भी छुटकारा पाया जा सकता है।

मस्से पर शहद लगातर इसे डॉक्टर टेप से कवर कर दें। इसे करीब 10 से 12 घंटे तक ऐसे ही ढ़के रहने दें। लगभग 15 दिन तक ऐसा करने से काफी अच्छा रिजल्ट देखने को मिलता है।

Sunday, 21 May 2017

…और सलमान की आंखों से छलक ही गया वो दर्द जिसे उन्होंने बरसों तक छिपा रखा था !


इसमें कोई शक नहीं है कि सलमान खान बॉलीवुड इंडस्ट्री के एक टॉप स्टार हैं.

हालांकि सलमान के बारे में कहा जाता है कि वो काफी मूडी और सख्त मिजाज के इंसान हैं बावजूद इसके उन्हें एक खुशमिजाज और मस्ती करनेवाले इंसान के तौर पर भी जाना जाता है.

दरअसल सलमान खान बॉलीवुड के उन चंद सितारों में शुमार हैं जो अपनी निजी जिंदगी की समस्याओं पर बात करना ज्यादा पसंद नहीं करते हैं. लेकिन अपनी आनेवाली फिल्म ‘ट्यूबलाइट’ के पहले गाने के रिलीज के दौरान सलमान की आंखों से वो दर्द छलक ही गया जिसे उन्होंने बरसों तक छुपाकर रखा था.

सलमान ने अपने दर्द को अपने फैन्स से साझा किया जिसे जानकर हर कोई भावुक हो उठा. दरअसल सलमान ने अपनी उस बीमारी के बारे में बात की जिससे वो सालों से परेशान हैं.

फेसियल डिसऑर्डर से ग्रसित हैं सलमान
अपनी ही फिल्म के एक गाने की रिलीज के मौके पर सलमान अपनी तकलीफ को अपने सीने में छिपा नहीं सके और उन्होंने खुलकर अपनी भावनाओं को व्यक्त किया.

इस खास मौके पर सलमान ने बताया कि वो एक लंबे समय से भयानक दर्द देनेवाली फेसियल डिसऑर्डर नाम की बीमारी से ग्रसित हैं जिसे मेडिकल टर्म में ट्राईजेमिनल न्यूराल्जिया कहते हैं.

इस फेसियल डिसऑर्डर की वजह से सलमान को कई बार असहनीय दर्द से गुजरना पड़ता है लेकिन निराश होने के बजाय उन्हें इस बीमारी से प्रेरणा मिली है कि वो और अधिक मेहनत करें और पूरी तरह से एक्टिंग पर फोकस करें.

सलमान की मानें तो फेसियल डिसऑर्डर में चेहरे के हिस्सों को छूने से चाकू के वार जितना तेज दर्द होता है और कई बार पेनकिलर भी इस दर्द को कम नहीं कर पाते हैं.

इस फेसियल डिसऑर्डर से पीड़ित सलमान ने बताया कि इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस दर्द से गुजर रहे हैं. फिल्म का कोई सीन करते हुए आपके शरीर में कुछ टूट जाए, चाहे आपके घुटनों में चोट आ जाए. ऐसे में आप दर्द का बहाना नहीं बना सकते क्योंकि आपको अपने सीन में बेस्ट देना होता है और वैसे भी आपके दर्द से फैन्स को कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि उन्हें बस आपका बेस्ट सीन याद रहता है.

सलमान के मुताबिक इस फेशियल डिसऑर्डर से पीड़ित लोग दर्द के चलते आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर हो जाते हैं लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी क्योंकि वो इससे लड़ना चाहते थे. इतना ही नहीं सलमान ने उन लोगों को भी हिम्मत रखने की सलाह दी जो छोटे-छोटे हादसों से अपनी जिंदगी खत्म कर लेने की सोचते हैं.

गौरतलब है कि ईद के मौके पर सलमान खान की फिल्म ट्यूबलाइट रिलीज होनेवाली है. लेकिन यहां सलमान के इस फेसियल डिसऑर्डर का दर्द और उनकी हिम्मत से उन तमाम लोगों को सीख लेने की जरूरत है जो अपनी जिंदगी की छोटी-छोटी परेशानियों के आगे घुटने टेक देते हैं.

Thursday, 18 May 2017

व्हाट्सऐप पर आए इस मैसेज को भूल कर भी ना करें क्लिक


अगर आपके किसी दोस्त ने व्हाट्सऐप पर कोई लिंक शेयर किया है जिसमें व्हाट्सऐप के नए अलग-अलग रंगों वाले वर्जन को इंस्टॉल करने की बात की गई है तो इस लिंक पर भूलकर भी क्लिक ना करें।

यह लिंक आपके कंप्यूटर, मोबाइल को बर्बाद कर सकती है। यहां तक की आपके मोबाइल में वायरस भी आ सकते हैं। लिंक कुछ इस प्रकार भेजे जा रहे हैं http://шһатѕарр.com/?colors

दरअसल रेडडिट के एक मेंबर ने व्हाट्सऐप पर शेयर हो रहे इस लिंक को लेकर दावा किया है कि यह वायरस है और इससे आपका फोन खराब हो सकता है। उन्होंने बताया कि यह लिंक व्हाट्सऐप व सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

वायरल हो रही इस लिंक पर क्लिक करने पर व्हाट्सऐप का विभिन्न रंगों वाला वर्जन डाउनलोड करने का दावा किया जाता है और जैसे ही आप इस लिंक पर क्लिक करते हैं तो यह आपको व्हाट्सऐप का नया वर्जन इंस्टॉल करने को कहता है। फिर नए वर्जन को इंस्टॉल करने से पहले आपको इस लिंक को अपने दोस्तों के साथ शेयर करना का मैसेज मिलता है।

अगर आप ध्यान देंगे तो पाएंगे इस वेबसाइट पर अलग तरीके के फॉन्ट का इस्तेमाल किया गया है। इस लिंक को Cyrillic अलफाबेट में डिजाइन किया गया है। ये वेबसाइट कुछ шһатѕарр.com इस रूप में नजर आती है।

लिंक पर क्लिक करने पर कई बार यूजर्स को अलग-अलग http://blackwhats.site/ जैसे यूआरल पर रिडायरेक्ट किया जाता है। तो आपके लिए यही बेहतर है कि कलरफुल व्हाट्सऐप के टक्कर में ना पड़ें और इस प्रकार के लिंक पर क्लिक ना करें।

Wednesday, 17 May 2017

Youtube वीडियो देखकर खेत में ही बनाई लैब, 10th पास किसान आज मशरूम से कमा रहा लाखों


कुरुक्षेत्र के भौर सैयदां गांव के हरपाल सिंह बाजवा ने मशरूम उत्पादन से शुरू किए बिजनेस में एक कदम आगे बढ़ाते हुए स्पॉन मेकिंग (मशरूम का बीज तैयार करने की एक विशेष विधि, जिसमें उसे एक निश्चित तापमान पर रखा जाता है) में महारत हासिल की है।
10वीं पास किसान हरपाल ने 50 हजार से मशरूम उत्पादन शुरू किया और लाखों रुपए कमा रहे हैं। उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से स्पॉन मेकिंग के लिए एक लैब तैयार कर रखी है, जिसमें हर साल 1500 किलो स्पॉन तैयार कर रहे हैं।

किसानों के लिए हैं रोल मॉडल, आगे पढ़िए कैसे तय किया सफर...
- हरपाल सिंह बाजवा बताते हैं कि पहले वे परंपरागत खेती करते थे। वर्ष 1995 में मात्र 50 हजार रुपए से मशरूम उगाना शुरू किया। धीरे-धीरे मुनाफा हुआ तो इस तरफ ध्यान बढ़ा।

- कृषि विज्ञान केंद्र कुरुक्षेत्र और खुंब अनुसंधान निदेशालय सोलन के सहयोग से अत्याधुनिक तकनीक की जानकारी ली और अपनी जमीन पर ही मशरूम के लिए कंपोस्ट बनाना शुरू कर दिया। किसानों ने कंपोस्ट खरीदना शुरू कर दिया तो इसके लिए सोलन से बीज लाना पड़ता था।

- बीज की आवश्यकता बढ़ी तो एक अत्याधुनिक स्पॉन (मशरूम का बीज तैयार करने की एक विशेष विधि, जिसमें ) लैब लगाने का मन बनाया और अपने खेत में ही स्पॉन लैब लगा दी। इसके लिए हरियाणा सरकार के बागवानी विभाग ने सब्सिडी दी और बैंक ने लोन दिया।

- कुल 62 लाख रुपए का लोन लिया। रिश्तेदारों ने रोका कुछ ने तो मदद करने से भी इनकार कर दिया, लेकिन उन्होंने कदम पीछे नहीं हटाए, आज स्थिति ये है कि वे हरियाणा के प्रगतिशील किसानों में से एक है।

- वे मशरूम उत्पादन, कंपोस्ट मेकिंग और स्पॉन प्रोडक्शन से लाखों रुपए कमा रहे हैं।

जिला स्तर से लेकर मुख्यमंत्री और यूनिवर्सिटी ने कर रखा है सम्मानित
- हरपाल सिंह जिला स्तर के साथ-साथ हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला, पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा से भी सम्मानित हो चुके हैं।

- इसके साथ-साथ 3 बार हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय और खुंब अनुसंधान निदेशालय सोलन ने भी उन्हें सम्मानित किया है। यू-ट्यूब से देख-देखकर विदेशी तर्ज पर बनवाई लाखों की मशीनें हजारों में
- हरपाल सिंह बाजवा बताते हैं कि उन्होंने इस क्षेत्र में अधिक से अधिक आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया है। अपने यहां कुछ मशीनों को विदेशों की तर्ज पर बनवाया है।

- उन्होंने यू-ट्यूब से मशीनें देख-देखकर लाखों रुपए की मशीनें हजारों रुपए में तैयार करवाई है। कंपोस्ट मिलाने के लिए कंपोस्ट फिलिंग मशीन, कंपोस्ट बैग भरने के लिए कंपोस्ट बैग फिलिंग मशीन अपने यहां ही तैयार कराई है।

अब 30-35 डिग्री में भी उगा सकते हैं मशरूम
- हरपाल सिंह बाजवा बताते हैं कि अमूमन मशरूम सर्दियों में उगाई जाती है, लेकिन स्पॉन मेकिंग लैब में उन्होंने अमेरिका के पेनसिलवेनिया से स्पॉन मंगाकर मशरूम का ऐसा बीज मंगाया है, जिससे अब किसान 30-35 डिग्री में भी मशरूम उगा सकते हैं। इस तकनीक का फायदा उठाने के लिए अधिक से अधिक किसान उनसे संपर्क कर रहे हैं।

ये है स्पान मेकिंग प्रोसेस
- मशरूम का बीज वैज्ञानिक तरीके से तैयार किया जाता है। इन बीजों को बोतल या पॉलिथिन की थैलियों में 250 या 500 ग्राम/बोतल या थैली भरते है।

- थैली के मुंह पर पहले लोहे का छल्ला लगाते हैं फिर उसमें रूई की डाट लगाते हैं। बोतल या थैली को जीवाणुविहीन करने के लिए आटोक्लेव/कुकुर में 22 पौंड दाब/वर्ग इंच पर 2 घंटे रखते है। ठंडा होने पर माध्यम में मशरूम बीज (स्पान) मिलाते हैं।

- यह कार्य जीवाणुविहीन कक्ष में किया जाता है। मशरूम फफूंद की वृद्धि इन दानों पर 15-20 दिनों में हो जाती है और फफूंद के क्वकजाल द्वारा सम्पूर्ण दाने ढक लिए जाते हैं, इसे मशरूम का बीज (मदर स्पान) कहते है। इस प्रकार तैयार बोतलों से बीज दूसरी बोतल में मिलाया जाता है तब इसे प्रथम संतति स्पान कहते हैं।