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Saturday, 5 August 2017

खुसखबरी: 12वीं पास भरें ये फॉर्म ,सरकार हर माह डालेगी आपके खाते में पैसा



भारत में युवा पीढ़ी के बेरोजगारों को उपेक्षा की नजर से देखा जाता है।

लेकिन अापकी परेशानी अब दूर होने वाली हैं क्योंकि12वीं पास युवाओं के लिए सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लिया है।

12वीं पास यवा जो बेरोजगार हैं सरकार उनके खाते में अब हर माह पैसा जमा करवाएगी। अगर अाप भी बेरोजगार हैं तो देर न करें और आज ही ये फॉर्म भर लें।

दरअसल, हजारों युवाओं ने ये फॉर्म भर लिया है मगर जिन्होंने अभी तक ये फॉर्म नहीं भरा वे तुरंत इसे भर लें। आप तुरंत ही अपने नजदीकी रोजगार कार्यालय में जाकर ये फॉर्म मांग सकते हैं।

इसके अलावा अब इस फॉर्म को ऑनलाइन भी भरा जा सकता है। इसके लिए श्रम एवं रोजगार कार्यालय की वेबसाइट पर जाकर लॉग इन किया जा सकता है।

Thursday, 2 March 2017

टैक्स अधिकारी के घर छापा, मिलीं करोड़ों की संपत्ति, गिनने में लगे 6 घंटे


मंगलवार को जब एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने कर्नाटक के हुबली में कमर्शियल टैक्स के डिप्टी कमिश्नर के यहां छापा मारा तो वह सन्न रह गए। उन्हें छापेमारी में मिले सामान को जानने में 6 घंटे लगे। उन्हें अलमारी से 7 हजार साड़ियां मिलीं, जिनकी कीमत करोड़ों रुपये है।

सूत्रों ने बताया कि पूरा कमरा अधिकारी करियप्पा एन. की पत्नी की साड़ियों से भरा हुआ था। जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो पहले उन्होंने कहा कि वह एक बिजनेस चलाती हैं, लेकिन पूछताछ करने पर वह इसके पक्ष में कोई सबूत पेश नहीं कर पाईं।

एसीबी के एक अफसर ने टाइम्स अॉफ इंडिया से कहा कि हमें साड़ियां गिनने में ही 6 घंटे का समय लग गया। एक कमर्शियल टैक्स विभाग के अफसर की पत्नी की पास इतनी महंगी साड़ियां होने पर विश्वास नहीं हो रहा। यह भी मुमकिन हो सकता है कि उसने साड़ी की दुकानों पर रेड डाली हो और कपड़ों को रख लिया हो।

एसीबी को करियप्पा के घर से संपत्ति के कई दस्तावेज बरामद हुए हैं, जो पत्नी और रिश्तेदारों के नाम पर हैं। इसमें तीन घर, बेंगलुरु में एक फ्लैट, कृषि भूमि और प्लॉट शामिल हैं। उनके यहां से जूलरी, जूते, घड़ियां और अन्य सामान भी मिला है। इस दंपत्ति के दो बच्चे हैं जो विदेश में पढ़ रहे हैं।

ये है करियप्पा की प्रॉपर्टी : यशवंतपुर में एक 10 हजार स्क्वेयर फुट का प्लॉट, हुबली में एक करोड़ का डुप्लेक्स घर, हेसाराघट्टा में एक फ्लैट, हुबली में दो फ्लैट, मंजूनाथ नगर में को प्लॉट, कोलीवाड़ा गांव में 20 एकड़ की कृषि भूमि, नवलगुंड में 4 एकड़ की जमीन।

वहीं एक अन्य अफसर केटी नागराज के यहां भी एसीबी ने मंगलवार सुबह छापेमारी की। वह बेंगलुरु महानगरपालिका में चीफ इंजीनियर है। जांचकर्ताओं को उसके घर से कई किलो सोने के आभूषण और प्रॉपर्टी के कागजात मिले हैं।

एक वरिष्ठ एसीबी अफसर ने कहा कि उनके पास सकलेशपुर और हासन जिले में 150 एकड़ का एक कॉफी एस्टेट मिला है, जो उसकी पत्नी और रिश्तेदारों के नाम पर है। एसीबी अधिकारी ने बताया कि उसके यहां से 7 लाख कैश, 10 किलो का सोना, 5 आधुनिक कारें, 4 प्लॉट के कागज, 2 घर और एक कमर्शियल कॉम्पलेक्स के दस्तावेज मिले हैं। 2 लॉकरों को चेक किया जाना अभी बाकी है।

Tuesday, 14 February 2017

31 मार्च से पहले पूरे कर लें ये 5 काम, वरना होगा नुकसान


नई दिल्‍ली। 31 मार्च वित्‍त वर्ष 2016-17 का आखिरी दिन होगा। ऐसे में आपको 31 मार्च से पहले 5 काम जरूर कर लेना चाहिए। अगर आप ऐसा नहीं करते तों आपको नुकसान उठाना पड़ेगा। 

फाइल करें इनकम टैक्‍स रिटर्न 
31 मार्च, 2017 असेसमेंट ईयर 2015-16 के लिए इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल करने की आखिरी डेट है। अगर आप इस डेडलाइन के अंदर रिटर्न फाइल नहीं करते हैं तो इनकम टैक्‍स डिपॉर्टमेंट 2014- 15 के लिए आपका रिटर्न स्‍वीकार करने से मना कर सकता है। 

टैक्‍स बचाने के लिए करें निवेश 
आपको 2016- 17 असेसमेंट ईयर के लिए टैक्‍स बचाने के लिए निवेश और खर्च 31 मार्च, 2017 से पहले करना होगा। 31 मार्च के बाद अगर आप कोई निवेश करते हैं तो इस पर 2016-17 के लिए टैक्‍स छूट नहीं मिलेगी।
बदल लें पुराने नोट 
500 रुपए और 1,000 रुपए के पुराने नोट 31 मार्च तक रिजर्व बैंक के कार्यालयों पर बदले जा सकते हैं। 31 मार्च के बाद आप पुराने नोट नहीं बदल पाएंगे।

पीपीएफ में जमा कराएं पैसा 
पब्लिक प्रॉविडेंट फंड में हर फाइनेंशियल ईयर में मिनिमम 500 रुपए जमा कराना जरूरी होता है। ऐसे में आपको पीपीएफ अकाउंट में 31 मार्च से पहले पैसा जरूर जमा करा देना चाहिए। वरना आपको 50 रुपए पेनल्‍टी देनी होगी। 

एनपीएस में जमा कराएं पैसा 
इसी तरह से एनपीएस टियर 1 अकाउंट को एक्टिव रखने के लिए मिमिनम 1,000 रुपए का कंट्रीक्‍यूशन जरूरी है। अगर आप 31 मार्च तक एनपीएस अकाउंट में पैसा नहीं कराते हैं तो आपका अकाउंट फ्रीज हो जाएगा।

Wednesday, 8 February 2017

जानिए कैसे एक बार फिर मोदी ने सबकी बोलती कर दी बंद




नई दिल्‍ली. राष्‍ट्रपति के अभिभाषण पर धन्‍यवाद प्रस्‍ताव पर बहस के दौरान मंगलवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने आम बजट को समय से पहले करने और रेल बजट को खत्‍म करने का राज खोला। इस दौरान मोदी ने नोटबंदी के फैसले को सही ठहराया और कहा कि इकोनॉमी मजबूत स्‍थि‍ति‍ में थी इसलि‍ए नोटबंदी का फैसला कि‍या। मजबूत इकोनॉमी ही नोटबंदी के झटके को झेल सकती थी। हमने पूरी तैयारी के साथ यह नि‍र्णय कि‍या।

आमतौर पर आम बजट फरवरी के अंतिम कार्य दिवस को पेश किया जाता था। लेकिन, मोदी सरकार ने इस साल से बजट की तारीख 1 फरवरी कर दी। साथ 92 साल से चली आ रही रेल बजट को पेश करने की परंपरा को भी खत्‍म कर दिया और इसका आम बजट में मर्जर कर दिया।

अगली स्‍लाइड में... तो मोदी ने इसलिए बदली बजट की तारीख
लोकसभा में मोदी ने बताया कि भारत एक कृषिप्रधान देश है। 1 जून के बाद देश में बारिश हो जाती है, जबकि फरवरी के आखिर में पेश किया जाता था। ऐसे में खेती के नजरिए से तीन महीने में बजट का इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाता था।
पीएम ने कहा कि क्या कारण था कि आजादी के कई सालों तक बजट शाम को पांच बजे आता था? किसी ने क्यों नहीं सोचा? बस चल रहा है तो चल रहा है। यूके की संसद चलती थी, उसी के लिहाज से हिंदुस्तान में बजट आता था। मोदी ने घड़ी दिखाकर बताया कि बहुत कम लोगों को पता है कि हम घड़ी ऐसे पकड़ते हैं तो इंडियन टाइम है और घड़ी को ऐसे पकड़ते हैं तो लंदन टाइम है।

रेल बजट खत्‍म करना सही फैसला
पीएम मोदी ने रेल बजट को खत्म करने के फैसले को भी सही ठहराया। उन्होंने कहा कि पहले रेलवे विभिन्न इलाकों को खुश करने के लिए पेश किया जाता था। सांसदों और मंत्रियों के भी रेल बजट से अलग-अलग उम्मीदें होती थीं।
रेल बजट में उनकी उम्मीदें पूरी कर रेलवे का नुकसान किया जाता रहा। मोदी ने कहा कि हमने देखा कि रेल बजट में 1,500 घोषणाएं की गईं और ज्यादातर ने कागजों पर ही मुक्ति पा ली।
रेलवे के स्वास्थ्य के लिए उसके बजट को राजनीति का शिकार होने से बचाना जरूरी था। पहले की सरकारें लोगों को नाखुश करने की हिम्मत नहीं दिखा पाईं, लेकिन हमें ऐसा करना था और हमने किया।

नोटबंदी से बड़ा बदलाव आया
पीएम मोदी ने कहा कि 'नोटबंदी से बड़ा बदलाव आया है, पहले सिर्फ घोटालों का ही नाम आता था। इकोनॉमी मजबूत थी। इसलि‍ए नोटबंदी का फैसला कि‍या। कमजोर इकोनॉमी के समय यह फैसला कि‍या जाता तो परेशानी होती। 'पूरी प्‍लानिंग के साथ नोटबंदी को लागू कि‍या। हमें पता था कि‍ इकोनॉमी ऐसे झटके झेल लेगी।

Tuesday, 7 February 2017

10 साल पुरानी गलती भी पड़ सकती है महंगी, अगर सरकार को मिला ये सबूत


नई दिल्‍ली। केंद्र सरकार आपके पिछले 10 साल की इनकम और टैक्‍स पेमेंट के बारे में पूछताछ कर सकती है अगर सर्च में 50 लाख रुपए से अधिक की अघोषित डिपॉजिट या असेट का पता चलता है। यानी पैसे को लेकर पिछले 10 सालों में गई गलतियों की आपको भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

दिखाई है कम इनकम
अगर आपने पिछले 10 सालों के दौरान इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल किया है और किसी भी साल या लगातार  कम इनकम दिखाई है तो आप इनकम टैक्‍स विभाग की स्‍क्रूटनी में फंस सकते हैं। ऐसे में विभाग कम इनकम डिक्‍लेयर करने के मामले में आपके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है।

नहीं चुकाया है टैक्‍स
अगर आपकी इनकम टैक्‍स के दायरे में है और आपने अपनी इनकम पर उचित टैक्‍स नहीं दिया है तो भी आप पिछले 10 साल की स्‍क्रू्टनी  में फंस सकते हैं। ऐसे में इनकम टैक्‍स विभाग टैक्‍स चोरी के मामले में आपके खिलाफ कदम उठाएगा।

सरकार ने स्‍क्रू्टनी के नियम में किया है बदलाव
बुधवार को पेश किए बजट 2017-18 में वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने स्‍क्रूटनी पीरिएड बढ़ा कर 10 साल करन का प्रस्‍ताव किया है। अब तक सरकार अधिकतम पिछले छह साल तक के इनकम टैक्‍स की स्‍क्रुटनी ही कर सकती थी। नियमों में बदलाव के बाद इनकम टैक्‍स विभाग पिछले 10 साल तक के इनकम टैकस रिटर्न की स्‍क्रूटनी कर सकेगा।

सीबीडीटी चेयरमैन का यह है कहना
सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्‍ट टैक्‍सेज के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने बजट के बाद एक सेमिनार में कहा है कि अगर हमें सर्च में 50 लाख रुपए से अधिक की असेट या इनकम मिलती है जिसे डिक्‍लेयर नहीं किया गया है और यह चार पुरानी है तो हम पिछले 10 साल की इनकम के बारे में छानबीन कर सकते हैं।
1 अप्रैल, 2017 से लागू होगा नया नियम
इनकम टैक्‍स एक्‍ट में संशोधन 1 अप्रैल, 2017 से लागू होगा। इसका मतलब है कि इनकम टैक्‍स विभाग 2007 तक की किसी की इनकम टैक्‍स रिटर्न को नए सिरे से खोल सकता है और उसकी छानबीन कर सकता है।

Wednesday, 25 January 2017

ये है इन Girls की मोटी कमाई का जरिया, 1 झटके में कमा लेती हैं लाखों रुपए





जयपुर। जयपुर पुलिस ने रेप की झूठी कहानी बनाकर ब्लैकमेल करने वाली लड़कियों और उसके गैंग को पकड़ा है। पूछताछ में पता चला है कि गैंग ने गत डेढ़ वर्ष में 13 लोगों से 42 लाख रुपए ऐंठे है। बीते कुछ सालों से इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं। इनमें पहले लड़कियों ने पैसे वाले लोगों को अपने प्रेमजाल में फंसाया और फिर उनसे लाखों रुपए वसूले।


सोमवार को पैसे वालों को ‘हनी ट्रैप’में फंसाने के बाद दुष्कर्म केस दर्ज कराने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने वाले गैंग की महिला और उसके साथी को कानोता पुलिस ने गिरफ्तार किया था।


पुलिस ने बताया कि गैंग की महिला मेंबर ने 5 जनवरी की रात 8 बजे कानोता के रहने वाले बिल्डिंग मैटेरियल सप्लायर टीकम शर्मा को सांभरिया रोड पर बुलाया। उसके वहां पहुंचने के बाद साथियों के साथ अपहरण कर सवाई माधोपुर ले गई।


गैंग ने शर्मा को डेढ़ लाख रुपए की फिरौती लेकर शुक्रवार को छोड़ा। फिर पीड़ित ने कानोता थाने में महिला और गैंग के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। गैंग के खिलाफ खोनागोरियान और शिवदासपुरा में 2016 में इसी तरह के मामले दर्ज हुए हैं।


जल्द पैसा कमाने के चक्कर में ये लड़की करती थी लड़कों को ब्लैकमेल
इसी साल 10 जनवरी को जयपुर में एमएनआईटी के पास एक लड़की ने गैंगरेप का मामला दर्ज करवाया था। लेकिन जांच में जयपुर पुलिस ने अपहरण कर गैंगरेप की झूठी कहानी बनाकर ब्लैकमेल करने वाली लड़की और उसके फ्रेंड को पकड़ लिया।
दोनों ने साथ मिलकर आगरा और मैनपुरी में ब्लैकमेलिंग की पांच वारदात को अंजाम दिया। आरती की अनैतिक गतिविधियों के कारण ही परिवार वालों ने उसे घर से निकाल दिया था।

22 साल की आरती ने पुलिस के सामने कबूल किया कि उसने ब्लैकमेल करने की और अपने फ्रेंड के साथ मिलकर रेप की झूठी कहानी बनाई थी।
आरती और उसके फ्रेंड की मुलाक़ात मैनपुरी में हुई थी। आरती के अनुसार जल्दी पैसा कमाने के लिए आरोपी युवक ने उसका ब्रेन-वाश किया था।
ऐसे बने हाईप्रोफाइल लोग शिकार,दर्जन भर बना चुके थे एमएमएस
राजधानी में एसओजी ने पिछले साल दिसंबर महीने में पांच साल से सक्रिय एक गिरोह को को पकड़ा था। ये गिरोह राजस्थान के तीस अधिक हाईप्रोफाइल लोगों को अपना शिकार बना चुका था।
एसओजी के हाथ लगी इस सूची में जयपुर के बड़े डॉक्टर्स के अलावा प्रदेश के बड़े बिल्डर, मार्बल व्यवसारियों के अलावा होटल कारोबारी भी शामिल हैं।
सैक्ट रैकेट के जरिए हाईप्रोफाइल लोगों का एमएमएस बनाने वाले गिरोह से पूछताछ में कई चौकाने वाले खुलासे हुए थे।
इस गैंग में एडवोकेट नीतेश बंधु, नवीन देवानी, अक्षत शर्मा, विजय और आनंद शांडिल्य, रवनीत काैर ने हाई प्रोफाइल लोगों को फंसाकर रुपए एंठे।


4साल से पुलिस ऑफिसर को ब्लैकमेल कर रही थी लड़की
जयपुर में प्रेमिका पूनम को गोली मारने के बाद एडिशनल एसपी अाशीष प्रभाकर द्वारा खुद के गोली मारकर सुसाइड करने की घटना सामने आई थी। पुलिस को एडिशनल एसपी आशीष प्रभाकर द्वारा लिखे गए दो सुसाइड नोट कार में मिले थे।

प्रभाकर ने सुसाइड नोट में लिखा था कि चार साल पहले पूनम ने उसको प्यार में फंसा लिया और अब वह उन्हें पैसों के लिए ब्लैकमेल करने लगी थी।
इसलिए पुलिस ऑफिसर होने के नाते मुझे इसको सजा देनी जरूरी है। बॉम्बे हॉस्पिटल के सामने आशीष प्रभाकर ने पहले पूनम की सर्विस रिवाल्वर से कनपटी पर गोली मारकर हत्या कर दी और इसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम को खुद ने ही सूचना दी।

Tuesday, 17 January 2017

विराट कोहली के साथ बिजनेस करने का मौका, हर महीने होगी लाखों में इनकम

नई दिल्‍ली। अगर आप नया बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं तो आपके पास बेहतरीन मौका है। मौका है करोड़ों लोगों के दिलों पर राज करने वाले यूथ आइकन के साथ बिजनेस पार्टनर बनने का। यह यूथ आइकन कोई और नहीं, इंडियन क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली हैं। आप भी कोहली के साथ अपना नया बिजनेस स्टार्ट कर सकते हैं।

विराट कोहली देश भर में अपने जिम और फिटनेस सेंटर का विस्तार करना चाहते हैं। इसके तहत चिशेल ब्रांड नाम से 75 सेंटर्स खोलने के लिए फ्रेंचाइजी दी जा रही है। आप किसी भी राज्य के रहने वाले हैं, इसकी फ्रेंचाइजी लेकर विराट काहेली के साथ बिजनेस पार्टनर बन सकते हैं।

किन शहरों में खुल सकता है सेंटर
विराट कोहली की जिम और फिटनेस सेंटर की फ्रेंचाइजी लेने के लिए आपके पास एक स्टोर के बराबर स्पेस होनी चाहिए। यह स्टोर मार्केट या रेजिडेंशियल एरिया दोनों ही जगह खोला जा सकता है। अमूमन स्टोर का साइज इतना होना चाहिए कि उसमें एक जिम या फिटनेस सेंटर खुल सके। अमूमन इसके लिए 4000 से 5000 वर्गफुट जगह होनी चाहिए।
यह स्टोर दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरू जैसे बड़े शहरों के साथ जयपुर, इंदौर, लखनऊ, भोपाल जैसे शहरों में भी खोला जा सकता है।

कितनी होगी फ्रेेंचाइजी फीस
विराट के चिशेल ब्रांड नाम से जिम और फिटनेस सेंटर खोलने के लिए फ्रेंचाइजी और ब्रांड फीस देनी होगी। यह फीस अलग-अलग शहर के हिसाब से 20 से 30 लाख रुपए हो सकती है। इसके लिए किसी तरह की रॉयल्टी या कमिशन नहीं देना होगा।

कितनी होगी कमाई
जिम की मेंबरशिप फीस एक महीने की 3000 रुपए होगी। अनुमान लगाया गया है कि एक जिम को कम से कम 500 से 600 मेंबर ज्‍वॉइन करेंगे, यानी कि लगभग 18 लाख रुपए मंथली इनकम होगी। इसके अलावा फूड सेंटर, स्वीमिंग पूल, योगा, इनडिविजुअल हेल्थ ट्रेंनिंग जैसी एक्टिविटी से अलग से कमाई होगी। यानी फ्रेंचाइजी पर किया खर्च 1.5 साल में निकल जाएगा।

कैसे करें अप्लाई
इसके लिए आपको फ्रेंचाइजी इंडिया की वेबसाइट www.franchiseindia.com पर जाना होगा। इस पर आपको Chisel (शिशेल) फ्रेंचाइजी अपॉर्च्युनिटी पर क्लिक करना होगा। जो पेज खुलेगा, उस पर आपको आवेदन करने के लिए एक अलग से लिंक मिल जाएगा।
लिंक में आपको अपने नाम के साथ एड्रेस, मोबाइल नंबर, सिटी, स्टेट के साथ ई-मेल डालना होगा। इसके बाद आपको अप्लाई करना होगा।

ये होंगी सुविधाएं
-जिम में वर्ल्ड क्लास जिम इक्विपमेंट होंगे।-जिम में एक कैफे होगा, जिसमें हेल्थ फूड भी मिलेगा।-ट्रेनिंग के दौरान डायटीशियन खाने-पीने की टिप्स देंगे।-स्वीमिंग और वाटर एरोबिक्स सेंटर भी होगा।-फिजियोथेरेपी की भी सुविधा होगी।-जिम में ग्रुप और पर्सनल ट्रेनिंग सेशन दोनों की सुविधा होगी।-वेट लॉस ट्रेनिंग जरूरी होगा।

कोहली के पहले महेंद्र सिंंह धोनी भी जिम स्पोर्ट्स चेन के बिजनेस में उतर चुके हैं। धोनी ने रिति स्पोर्ट्स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिलकर 2012 रिति एमएसडी आलमोड प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी शुरू की। इस कंपनी में धोनी की 65 फीसदी हिस्सेदारी हैं।

शिशेल ब्रांड नाम से जिम व फिटनेस सेंटर खोलने के लिए कम से कम 1 करोड़ रुपए का इन्वेस्ट करना होगा। वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार अगर आप यूनिट फ्रेंचाइजी शुरू करते हैं तो इसके लिए पे-बैक पीरियड 1.5 साल हो सकता है।

Monday, 9 January 2017

जियो दे रही मोबाइल टॉवर लगाने का मौका, 25-30 हजार रु महीने होगी कमाई

नई दिल्ली। अगर आपके पास छत या खाली प्लॉट है तो आपके पास कमाई का बेहतर मौका हैै। आप रिलायंस जियो से जुड़कर हर महीने 25 से 30 हजार रुपए कमाई कर सकते हैं। अगर आपका घर दिल्ली, मुंबई जैसे मेट्रो सिटीज में है तो यह मंथली इनकम डबल या इससे भी ज्यादा हो सकती है। असल में रिलायंस जियो अपने 4जी नेटवर्क को मजबूत करने के लिए अगले 6 महीनों में पूरे देश में 45000 मोबाइल टॉवर लगाने जा रही है। ऐसे में आप भी मोबाइल टॉवर के लिए आवेदन कर सकते हैं।
रिलायंस जियो का अगले 4 साल के दौरान 1 लाख करोड़ रुपए इन्वेस्टमेंट का प्लान है, जिसके तहत ये टॉवर भी लगाए जाने हैं। इस बारे में रिलायंस जियो और टेलिकॉम मिनिस्टर के बीच मीटिंग भी हुई है। कंपनी जल्द ही टॉवर लगवाने का प्रॉसेस शुरू करने जा रही है। जियो पहले भी 1.6 लाख करोड़ रुपए इन्वेस्ट कर चुकी है और पूरे देश में 2.82 लाख बेस स्टेशन इंस्टाल किए जा चुके हैं। 
जियो ने टेलिकॉम मिनिस्टर को यह जानकारी दी है। कंपनी ने कहा कि कंज्यूमर्स की सुविधा के लिए हर संभव प्रयास किया गया है, लेकिन पर्याप्त संख्या में इंटरकनेक्शन प्वॉइंट नहीं मिलने से कंज्यूमर्स को दिक्कतें आ रही हैं। प्रमुख टेलिकॉम ऑपरेटर्स जरूरत के हिसाब से इंटरकनेक्शन प्वॉइंट नहीं उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे उनके नेटवर्क पर जियो की कॉल ड्रॉप हो रही हैं। सूत्रों का कहना है कि जियो की इस सूचना के बाद टेलिकॉम मिनिस्टर ने प्रमुख टेलिकॉम ऑपरेटर्स से इंटरकनेक्शन प्वॉइंट का मसला आपस में मिलकर तुरंत सुलझाने को कहा है।

जानें क्या है मोबाइल टॉवर लगवाने का प्रॉसेस

टावर लगाने वाली कंपनियों से भी कर सकते हैं संपर्क  
- मोबाइल ऑपरेटर्स कुछ प्राइवेट कंपनियों को मोबाइल टॉवर लगवाने का कांट्रैक्ट देती हैं। 
- इंडस टॉवर्स, अमेरिकन टॉवर कॉरपोरेशन, भारती-इन्फ्राटेल, एटीसी, वायोम, जीटीएल जैसी प्राइवेट कंपनियां मोबाइल ऑपरेटर्स के बेस पर अलग-अलग लोकेशंस पर मोबाइल टॉवर लगाने का काम करती हैं। 
- इन कंपनियों की वेबसाइट पर आप भी आवेदन कर सकते हैं। 
कैसे करें आवेदन... 
टावर लगाने वाली कंपनी को दें पूरी डीटेेल 
मोबाइल टॉवर लगवाने के लिए आपको टॉवर लगाने वाली कंपनियों की वेबसाइट पर जाना होगा। वहां आपको एक लिंक मिलेगा, जिसमें अपने नाम और एड्रेस के साथ प्रॉपर्टी की पूरी डिटेल देनी होगी। आपको बताना होगा कि आपका प्लॉट है या छत, ओनरशिप आपके नाम से है या ज्वॉइंट। इसके अलावा यह बताना होगा कि प्रॉपर्टी रेजिडेंशियल है या कमर्शियल। इसके बाद आपको अपने राज्य और शहर की जानकारी देनी होगी।
कितनी जगह होनी है जरूरी 
अगर आपके पास छत है तो टॉवर लगवाने के लिए आपको कम से कम 500 वर्ग फुट की जगह देनी होगी। वहीं, अगर आपके पास प्लॉट है तो इसके लिए कम से कम 2000 वर्ग फुट की जगह होनी जरूरी है।
कितनी होगी कमाई
मोबाइल टॉवर लगवाने के बाद मंथली रेंट औसत 25 से 30 हजार रुपए होगी। लोकेशन के हिसाब से मंथली इनकम बदल सकती है। जैसे दिल्ली, मुंबई जैसे मेट्रो सिटीज में लोकेशंस अच्छी है तो 50 हजार या इससे भी ज्यादा मिल सकता हे। वहीं छोटे शहरों में 25 से 30 हजार तो रूरल एरिया में 15 हजार रुपए तक मंथली रेंट मिलता है।
टॉवर लगवाने के लिए नहीं खर्च करना होता है पैसा
अगर आपकी प्रॉपर्टी पर मोबाइल टॉवर लग रहा है तो इसके लिए आपको अपनी ओर से कोई खर्च नहीं करना होगा। यह बिल्कुल फ्री है, सारा काम मोबाइल लगाने वाली कंपनी को होगा।
जानें क्या है मोबाइल टॉवर लगवाने का एक और प्रॉसेस
मोबाइल ऑपरेटर्स खुद यह तय करती हैं कि किन लोकेशन में टॉवर लगवाने की जरूरत है। इसके बाद वह जगह का चुनाव करते हैं। अगर उनकी चुनी हुई लोकेशन में आपकी प्रॉपर्टी है तो आप इसका बेनेफिट ले सकते हैं। इसलिए आपकी प्रॉपर्टी की लोकेशन इसके लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है। हालांकि, जियो का पूरे देश में लगातार नेटवर्क बढ़ाने की योजना है तो ऐसे में इस योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोग उठा सकते हैं।