Tuesday, 7 March 2017

इतिहास में पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने टीवी पर कही ऐसी बात,हैरान कर देगी ये हिम्‍मत..!


माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने भ्रष्टाचार से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए कहा “बहुत सी ऐसी चीजें होती हैं, जो दिखाई नहीं देतीं हैं।

कोई इस चीज़ को नहीं समझ सकता कि मैं किस तरह की गंदगी का सामना कर रहा हूं। जो काम कर रहा है, उसी को पता है कि कितनी गंदगी है। इसके पीछे कई तरह की ताकतें हैं।”

इंटरव्यू में मोदी ने कहा कि यकीनन इस देश में भ्रष्‍टाचार है, लेकिन जब देश के प्रधानमंत्री को ऐसा कहना पड़े तो आम आदमी की व्यथा को तो आराम से समझा ही जा सकता है।

ऐसा पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार के विषय में नहीं कहा है, इससे पहले हमारे पूर्व स्वर्गीय प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भी स्वीकार किया था कि भ्रष्टाचार के कारण एक रुपये में से सिर्फ बीस पैसे ही उसके असली हकदार को मिल पाते हैं।

इंटरव्यू में मोदी ने आगे बोला कि करप्शन भारत में आरम्भ से ही चर्चा एवं आन्दोलनों का एक प्रमुख विषय रहा है और हाल ही के समय में यह चुनावों का भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन कर उभरा है।

दरअसल, समस्या कोई भी हो उसका हल ढूंढा जा सकता है, किन्तु सबसे बड़ी दिक्कत यह होती है, जब लोग उसे समस्या मानना बंद कर दें और उसे स्वीकार करने लगें।

हमारे देश की सबसे बड़ी चुनौती आज भ्रष्टाचार न होकर लोगों की यह मानसिकता हो गई है कि वे इस को सिस्टम का हिस्सा मानने लगे हैं।

भूल जाइए टोरेंट, यहां से भी होती हैं सभी तरह की HD मूवी FREE डाउनलोड


फ्री मूवीज डाउनलोड करने के लिए ज्यादातर यूजर्स टोरेंट को यूज करते हैं। टोरेंट वेबसाइट भारत में बैन है, इसके बाद भी लोग इसे यूज करते हैं।

टोरेंट से HD क्वालिटी की मूवी फ्री डाउनलोड होती हैं, लेकिन इससे वायरस आने का भी खतरा रहता है। जिसके वजह से विंडोज करप्ट होने के चांस बढ़ जाते हैं।

हालांकि, एक वेबसाइट ऐसी भी है जहां से यूजर्स लेटेस्ट बॉलीवुड मूवीज के साथ हॉलीवुड और साउथ मूवीज भी फ्री डाउनलोड कर सकता है। इतना ही नहीं, यहां से वायरस आने का खतरा भी नहीं है।

इस वेबसाइट का नाम www.moviespur.in है। ये वेबसाइट डेस्कटॉप के साथ स्मार्टफोन पर भी आसानी से ओपन होती है और यूजर्स आसानी से इसे ऑपरेट कर सकता है।

यहां ऊपर की तरफ वे मूवीज या TV सीरीज नजर आती हैं जो हाल ही में वेबसाइट पर अपडेट की गई हैं। इनमें बॉलीवुड, हॉलीवुड के साथ साउथ मूवीज भी हो सकती हैं।

इसके नीचे, फिल्मों की कैटेगरी होती हैं। यानी यहां पर यूजर किसी कैटेगरी में जाकर भी मूवी सर्च कर सकता है। इन कैटेगरी में अल्फाबेटिकल के जरिए भी मूवी सर्च की जा सकती है।

सभी कैटेगरी में जो मूवीज दी गई हैं। वो दो फॉर्मेट मोबाइल और PC के हिसाब से हैं। इनमें मोबाइल का फॉर्मेट Mp4 होता है। वहीं, PC के लिए भी ये HD Mp4 फॉर्मेट में है।

वेबसाइट का बेस्ट फीचर ये है कि यहां पर सभी मूवीज के सेंपल दिए गए हैं। यानी पहले आप सेंपल को डाउनलोड करके मूवी की पिक्चर और साउंड क्वालिटी चेक कर सकते हैं। इससे आपका डाटा खर्च नहीं होता।

आप जिस मूवीज को सिलेक्ट करते हैं उसे सिंगल क्लिक से डाउनलोड कर सकते हैं। इतना ही नहीं, जिन मूवी का HD प्रिंट बाद में आता है उन्हें भी अपडेट कर दिया जाता है।

Monday, 6 March 2017

बाबा रामदेव का अचूक नुस्खा, करोड़ों को मिला फायदा, आप भी करें फाॅलो

लौकी के जूस में 96% पानी के अलावा बॉडी के लिए जरूरी न्यूट्रिएंट्स जैसे फास्फोरस, विटामिन्स, सोडियम, आयरन और पोटैशियम होते हैं। योग गुरू बाबा रामदेव और उनके शिष्य आचार्य बालकृष्णका कहना है कि रोज सुबह खाली पेट लौकी का जूस पीने से कई हेल्थ प्रॉब्लम में फायदा होता है।आइए जानते हैं बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक लौकी का जूस पीने के क्या फायदे हैं।

Jio ने नए प्लान में रख दी ऐसी कंडीशन, आप भी जानिए


रिलायंस जियो के साथ तेजी से 100 मिलियन यूजर्स जुड़े थे। इसकी बड़ी वजह फ्री इंटरनेट डाटा के साथ फ्री कॉलिंग और फ्री रोमिंग थी। इतना ही नहीं, यूजर्स ने जियो की 4G डाटा का यूज हॉटस्पॉट के तौर पर भी जमकर किया। हालांकि, 1 अप्रैल के बाद ऐसा नहीं रहेगा।

कंपनी ने प्राइम मेंबरशिप की Terms and Conditions में कुछ बदलाव किए हैं। जिसके बाद यूजर्स को पहले की तरह फ्री हॉटस्पॉट का फायदा नहीं मिलेगा। ऐसे में आप जियो के साथ जुड़ने जा रहे हैं तब इन कंडीशन को जान लीजिए।

यूजर्स अभी जियो हॉटस्पॉट पर कई डिवाइस एक साथ कनेक्ट कर सकता है। इन सभी पर स्पीड भी बेहतर आती है। यानी एक साथ कई यूजर्स को फ्री डाटा का फायदा मिलता था।

1 अप्रैल से जियो प्राइम मेंबरशिप प्लान शुरू होने वाला है। इस प्लान को लेने के लिए यूजर को 99 रुपए का रिचार्ज करना होगा और उसके बाद हर महीने 303 रुपए खर्च करने होंगे। यानी फ्री हैप्पी न्यू ईयर ऑफर खत्म हो जाएगा।

प्राइम मेंबरशिप में कंपनी ने एक ऐसी कंडीशन रख दी है, जिससे हॉटस्पॉट पर आप सिर्फ एक ही यूजर को कनेक्ट कर सकेंगे। 11 नंबर की कंडीशन में कंपनी ने लिखा है, "The user device may be used as a personal hotspot connection (this is also known as tethering) for upto 1 device only at a time."

इस बारे में जब हमने जियो कस्टमर केयर पर बात की तब वहां के एग्जीक्यूटिव ने बताया कि आप हॉटस्पॉट पर एक साथ कई यूजर्स को कनेक्ट कर सकते हैं। लेकिन जो स्पीड एक यूजर को मिलेगी वो कई ज्यादा यूजर्स को कनेक्ट करने पर नहीं मिलेगी।

Sunday, 5 March 2017

लीक हुई बाहुबली 2 की स्‍टोरी, जानें कटप्‍पा ने बाहुबली को क्‍यों मारा, यहां पढ़ें पूरी स्‍टोरी




फिल्म बाहुबली अब तक 500 करोड़ से ज्यादा कमा चुकी है, और जिस तरह से लोगो में फिल्म का क्रेज बना हुआ है उससे यही लगता है की फिल्म जल्द ही 600 करोड़ क्लब में शामिल हो जाएगी।
साल 2017 के शुरुवात में फिल्म का दूसरा पार्ट भी आ जाएगा। फिल्म का पहला पार्ट देखने के बाद लोग ये सोच सोच कर हैरान हुए जा रहें है की आखिर कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा।

खबरों के अनुसार फिल्म के पार्ट 2 रिलीज़ के लिए अभी कुछ महीने बाकी हैं लेकिन फिल्म की पूरी कहानी लीक हो गई है। व्हाट्सअप पर फिल्म बाहुबली 2 की कहानी शेयर की जा रही है। अब ये कहानी सही है या गलत अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई हैं।

कटप्पा महिष्मति सिंघासन का ग़ुलाम था और सिर्फ वही नहीं उनके पूर्वज जो उस राज्य में जन्म लिए थे और जो लेते वो भी सिंघासन के ग़ुलाम होते, ये कटप्पा के पूर्वजो ने वचन दिया था।
जब बाहुबली राजा बना तो उसके राज्य में “देवसेना” नाम की रानी थी जिसे बाहुबली से प्रेम हुआ और बाहुबली भी उनसे प्रेम करने लगा, कहानी में ट्विस्ट ये है की भल्लालदेव भी देवसेना से प्रेम करने लगता है। राजमाता ने आदेश दिया की जो देवसेना से विवाह करेगा उसे राज्य से बाहर जाना पड़ेगा। बाहुबली इसके लिए तैयार हो जाता है और देवसेना से विवाह करके राज्य से दूर चला जाता है।

बता दें कि इधर बाहुबली के जाने के बाद कालकेय के पुत्र की वापसी होती है और महिष्मति राज्य में आक्रमण होता है। फलस्वरूप बाहुबली फिर आकर महिष्मति को बचाता है, लेकिन भल्लालदेव को डर था के राजमाता कही राज्य बाहुबली को वापस ना लौटा दें।
इस डर से भल्लालदेव कटप्पा को आज्ञा देता है के बाहुबली को मार दे। चूंकि कटप्पा राज सिंघासन का ग़ुलाम था और उस वक़्त राजा भल्लालदेव था इसलिए उसकी आज्ञा का पालन करते हुए कटप्पा ने बाहुबली को मार दिया। वैसे कहानी तो काफी दिलचस्प है, लेकिन अब ये तो बाहुबली 2 के रिलीज़ के बाद ही पता चलेगा की कहानी असली या या नकली।

अगर आपका SBI में हैं अकाउंट, तो ये खबर है आपके लिए


नई दिल्‍ली।भारतीय स्‍टेट बैंक (एसबीआई) 1 अप्रैल से बैंक खातों में न्‍यूनतम बैलेंस न रखने वालों से पेनल्‍टी वसूलना शुरू करेगा। एसबीआई करीब 5 साल बाद इस नियम को फिर से लागू कर रहा है। इसके साथ ही बैंक ने एटीएम से विद्ड्राअल समेत अन्‍य सर्विसेज के चार्जेस भी रिवाइज कर लिए हैं।

तीन बार ही फ्री में कर सकेंगे कैश डिपोजिट्स
एसबीआई सेविंग्‍स अकाउंट होल्‍डर्स को हर महीने बैंक में सिर्फ तीन बार कैश डिपोजिट करना फ्री होगा। इसके बाद हर ट्रांजैक्‍शन पर 50 रुपए और सर्विस टैक्‍स लगेगा। करंट अकाउंट्स के मामले में यह चार्ज 20 हजार रुपए तक पहुंच सकता है।
एक वरिष्‍ठ एसबीआई अधिकारी ने बताया कि बैंक ने 2012 में मिनिमम बैलेंस पर लगने वाला चार्ज खत्‍म कर दिया था। उस समय नए कस्‍टमर्स को अट्रैक्‍ट करने के लिए यह कदम उठाया गया। लेकिन अब एक 1 अप्रैल से चार्जेस लगाए जाएंगे।

कहां रखना होगा कितना मिनिमम बैलेंस
एसबीआई ने तय किया है कि महानगरों में बैंक अकाउंट रखने वालों को 5000 रुपए मिनिमम बैलेंस रखना होगा। शहरी क्षेत्रों में यह सीमा 3 हजार रुपए, सेमी अरबन क्षेत्र में 2 हजार रुपए और गांव की शाखाओं में बैंक खाता रखने वालों को 1 हजार रुपए मिनिमम बैलेंस रखना होगा। 1 अप्रैल से ऐसा नहीं करने वालों पर पेनल्‍टी लगाई जाएगी।

इस तरह वसूली जाएगी पेनल्‍टी
एसबीआई ने तय किया है महानगरों में जिनके खातों में मिनिमम बैलेंस तय सीमा से 75 फीसदी तक कम रहता है, उन पर 100 रुपए की पेनल्‍टी और इस पर लागू सर्विस टैक्‍स वसूला जाएगा।
अगर मिनिमम बैलेंस 50 से 75 फीसदी के बीच रहता है तो यह पेनल्‍टी 75 रुपए होगी। इसी प्रकार अगर यह बैलेंस 50 फीसदी के नीचे होगा तो पेनल्‍टी 50 रुपए लगेगी। अन्‍य शहरों की शाखाओं में एसबीआई 20 से 50 रुपए के बीच पेनल्‍टी वसूलेगा।

एटीएम विद्ड्रॉअल के लिए ये हैं नए चार्जेस
एसबीआई के मुताबिक दूसरे बैंकों की एटीएम से एक महीने में तीन बार फ्री विद्ड्रॉअल की सुविधा मिलेगी। इसके बाद प्रति विद्ड्रॉअल 20 रुपए की पेनल्‍टी लगेगी। वहीं, एसबीआई की एटीएम से हर महीने 5 विद्ड्रॉअल के बाद 10 रुपए प्रति ट्रांजैक्‍शन वसूला जाएगा।
एसबीआई ने यह भी साफ किया है कि अगर बैंक अकाउंट में 25000 रुपए से ज्‍यादा बैलेंस है, तो एसबीआई एटीएम से विद्ड्रॉअल पर कोई भी चार्ज नहीं लगेगा। वहीं, 1 लाख रुपए से ज्‍यादा बैलेंस होने पर अन्‍य बैंकों की एटीएम से भी ट्रांजैक्‍शन पर कोई चार्ज नहीं वसूला जाएगा।

एसएमएस अलर्ट के लिए भी लगेगा चार्ज
वहीं, एसबीआई अब एसएमएस अलर्ट के लिए भी चार्ज वसूलेगा। 25 हजार एवरेज क्‍वार्टली बैलेंट मेंटेंन करने वाले डेबिट कार्ड होल्‍डर्स से हर तिमाही इस सेवा के लिए 15 रुपए चार्ज वसूला जाएगा। 1000 रुपए तक के यूपीआई/यूएसएसडी ट्रांजैक्‍शन पर कोई चार्ज नहीं वसूला जाएगा।

बिना शादी किए जुड़वा बच्चों के पापा बन गए हैं करण जौहर...जानें कैसे हुआ यह संभव


नई दिल्ली: करण जौहर सरोगेसी के जरिए जुड़वां बच्चों के पिता बन गए हैं. उनको एक बेटा (यश) और एक बेटी (रूही) हुई है. आपको बता दें कि बॉलीवुड के किंग खान से लेकर मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान तक ने इस तकनीक का इस्तेमाल किया है. हाल में तुषार कपूर भी सिंगल पैरेंट बने हैं जो कि सरोगेसी के जरिए ही मुमकिन हुआ.

करण जौहर के सरोगेसी के जरिए जुड़वां बच्चों के पिता बनने के बाद लोग इससे जड़ी हर बारीकियां जानना चाह रहे हैं

लोगों के जेहन में यह सवाल भी उठ रहे हैं कि पिछले साल इस पर बने कानून में क्या-क्या बदलाव हुए हैं. आज हम आपको बताएंगे सरोगेसी कानून से जुड़ी हर वो बात जो आपके मन में हैं…

आपको बता दें कि पिछले साल सितंबर महीने में मोदी कैबिनेट उस बिल को मंजूरी दे चुकी जिसमें किराये की कोख (सरोगेसी) वाली मां के अधिकारों की रक्षा के उपाय किये गये हैं. इसके साथ ही सरोगेसी से जन्मे बच्चों के अभिभावकों को कानूनी मान्यता देने का प्रावधान है.

कैबिनेट से पास सरोगेसी रेगुलेशन बिल 2016 मुताबिक अविवाहित पुरुष या महिला, सिंगल, लिव इन में रह रहा जोड़ा और समलैंगिक जोड़े अब सरोगेसी के लिए आवेदन नहीं कर सकते. इसके साथ ही अब सिर्फ रिश्तेदार महिला ही सरोगेसी के जरिए मां बन सकती है.

केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सरोगेसी बिल पर कहा था, “आज कल प्रसव पीड़ा से बचने के लिए सरोगेसी फैशन बन गई है. भारत लोगों के लिए सरोगेसी हब बन गया था इसलिए बिल की जरूरत महसूस हुई.”

सुषमा स्वराज ने तब इशारों-इशारों में फिल्मी हस्तियों पर भी निशाना साधा था. उन्होंने कहा, ”बड़े सितारे जिनके न सिर्फ दो बच्चे हैं, बल्कि एक बेटा और बेटी भी है, वे भी सरोगेसी का सहारा लेते हैं.”

स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रस्ताव के अनुसार किराये की कोख विधेयक 2016 का लक्ष्य देश में किराये की कोख संबंधी प्रक्रिया के नियमन को समुचित ढंग से अंजाम देना है.

जानें, सरोगेसी बिल की जरूरी बातें…
कैबिनेट से पास हुए बिल में व्यावसायिक सरोगेसी पर पूरी तरह बैन लगाने का प्रस्ताव है. इसके साथ ही अब सिर्फ रिश्तेदार ही सेरोगेट मां बन सकती है.
जिन माता-पिता के पहले से एक संतान है या उन्होंने एक संतान को गोद लिया है तो वे दूसरी संतान के लिए सरोगेसी का सहारा नहीं ले सकते.

देश भर में सरोगेसी के लिए 2000 क्लीनिक हैं. अब सिर्फ भारतीय भारतीय नागरिक ही सरोगेसी के जरिए बच्चे को जन्म दे सकते हैं.
पांच साल से शादीशुदा जोड़े, जिनकी कोई संतान नहीं है वो ही सरोगेसी के लिए आवेदन कर सकते हैं. अविवाहित, सिंगल, लिव इन में रह रहा जोड़ा और समलैंगिक जोड़े सरोगेसी के लिए आवेदन नहीं कर सकते.
सरोगेसी के लिए सरोगेसी में उम्र की सीमा भी तय कर दी गई है. इसके मुताबिक पुरुष की उम्र 26-55 साल और महिला की उम्र 25-50 साल होगी तभी वे सरोगेसी के लिए आवेदन कर सकते हैं.

अगर सरोगेसी के लिए आवेदन करने वाला जोड़ा किसी बिमारी से ग्रसित है तो वो आवेदन नहीं कर सकता.
इसके साथ ही एक महिला सिर्फ एक बार ही सरोगेसी के जरिए बच्चे को जन्म दे सकती है.सरोगेसी के जरिए बच्चे को जन्म दे जा रही महिला का शादीशुदा होना जरूरी है. इसके साथ ही वह पहले भी एक बच्चे को जन्म दे चुकी हो.
सभी सरोगेसी क्लीनिक का रजिस्टर होना जरूरी है. अगर सरोगेसी के बाद जन्मे बच्चे को अपनाने से इनकार किया जाता है तो उसके लिए बिल में 10 साल की जेल और 10 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान है.

सरोगेसी के जरिए पैदा हुए बच्चे के पास वो सभी कानूनी अधिकार होंगे सामान्य रूप से पैदा हुए बच्चे के पास होते हैं. सरोगेसी क्लीनिक को पच्चीस सालों का रिकॉर्ड मौजूद रखना होगा.
स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री की अध्‍यक्षता में केंद्र पर नेशनल सरोगेसी बोर्ड, राज्य और केंद्र शासित प्रदेश स्तर तक स्टेट सरोगेसी बोर्ड का गठन किया जाएगा. क्यों पड़ी सरोगेसी बिल की जरूरत

सरकार ने स्वीकार किया था कि उस समय किराये की कोख संबंधी मामलों को नियन्त्रित करने के लिए कोई वैधानिक तंत्र नहीं होने के चलते ग्रामीण एवं आदिवासी इलाकों सहित विभिन्न क्षेत्रों में किराये की कोख के जरिये गर्भधारण के मामले हुए जिसमें शरारती तत्वों द्वारा महिलाओं के संभावित शोषण की आशंका रहती है.