Thursday, 25 May 2017

मंदिर की दीवार से निकला 15 लाख करोड़ का खजाना, हीरे-जवाहरात देखकर फटी रह गईं आंखें


सोने की चिड़िया के नाम से प्रसिद्ध भारत देश को यूँ तो कई विदेशी आक्रमणकारियों ने लूटा, कई तो लूट कर सोना व् अन्य कीमती सामान अपने देश ले गए पर कई लूट करने के बाद भारत में ही बस गए और लोगों को गुलाम बना कर उनपर हुकूमत करने लगे।

उस काल में भारत की समृद्धि का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज भी कई प्राचीन स्थलों में खुदाई के दौरान सोना व्र अन्य कीमती वस्तुएं मिलने के समाचार आते रहते हैं।

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक 800 साल पुराना जैन मंदिर है, जहां खुदाई के वक़्त मुगल कालीन खजाना मिलने की खबर आयी है।

इस मंदिर की दीवारें करीब-करीब 14 इंच तक मोटी हैं, खबर है कि इसी की एक दीवार को तोड़ने पर मिट्‌टी के कई घड़े मिले जिन्हें खोलने पर उनमे से हीरे मिले हैं। इनमे से कुछ घड़ों के अंदर सोना भी है।

जो 15 मजदूर यहां खुदाई का काम कर रहे थे, उन्होंने चुपचाप इसे आपस में ही बांट लिया था। मगर खज़ाना बाटने को लेकर उनमे झगड़ा हो गया और फिर ये मामला पुलिस तक जा पहुंचा। पुलिस ने जब इस दबे हुए खजाने की कुल कीमत के बारे में पता लगाया तो वो भी हैरान रह गई।

पुरे खजाने की कुल कीमत 15 लाख करोड़ के लगभग बतायी जा रही है। हालांकि ये खजाना कब का है और इस मंदिर में कहां से और कैसे आ गया, ये बात अब तक पता नहीं चल पायी है।

घटना की जानकारी मिलते ही एडीशनल एसपी कमल मौर्य घटना स्थल पर मुआयना करने पहुचे, जहां जांच करने पर सोने और चांदी के सिक्के मिले जिनपर उर्दू की इबारत और चित्र अंकित थे। पूछताछ करने पर एक स्थानीय जानकार ने कहा कि सिक्कों पर ‘शहंशाह अहमद’ अंकित है।

इंटरनेट द्वारा इस बात की प्रमाणिकता की जांच की गयी तब पता चला कि 14वीं शताब्दी के आसपास उस जगह पर शहंशाह अहमद का शासन हुआ करता था।

इतिहासकारों के मुताबिक़ ‘शेरशाह सूरी’ ने किसी जमाने में दक्षिण भारत की यात्रा करने के लिए रन्नौद से होता हुआ एक रास्ता बनवाया था। किताब ‘आईने अकबरी’ में भी शिवपुरी जिले के कोलारस, नरवर और रन्नौद का उल्लेख है। इसे देख कर ये मालूम होता है कि ये इलाके उस वक़्त कितने संपन्न हुआ करते थे।

रन्नौद, शिवपुरी जिले से करीब 60 किलोमीटर दूर कोलारस में बसा है और इसे ऐतिहासिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। इतिहासकार अरुण अपेक्षित के मुताबिक़ मोहम्मद घोरी, अलाउद्दीन खिलजी, बाबर और औरंगजेब जैसे कई मुगल आक्रमणकारियों की सेनाओं ने दक्षिण भारत पर हमले करने के दौरान यहां पड़ाव डाला था।

बाद में मुगल आक्रमणकारियों ने रन्नौद की जागीर पिंडारी भाइयों को सौंप दी थी, जो जैन धर्म के अनुयायी थे। करीब 200 वर्षों तक इस जागीर पर जैनियों का नियंत्रण रहा, तभी से उनके वंशज रन्नौद में रहते आये हैं। रन्नौद में कई बेहद प्राचीन मंदिर, मठ, मस्जिदें व् दरगाहें हैं।

Wednesday, 24 May 2017

भयंकर गर्मी के बीच सीएम योगी ने लिया ऐसा गरमा-गर्म फैसला, मुस्लिम संगठनों के छूटे पसीने !


लखनऊ : देश कोई कुछ भी कर रहा हो लेकिन मीडिया और लोगों के दिलों पर तो यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ही छाए हुए हैं. प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश की जनता का कहना है कि उन्होंने योगी जैसा निडर और बेबाकी से फैसले लेने वाला सीएम पहले कभी देखा ही नहीं.

जनता की राय को सही साबित करते हुए सीएम योगी ने इस बार मुस्लिम महिलाओं के लिए ऐसा ही एक और जबरदस्त फैसला लिया है.

ट्रिपल तलाक से पीड़ित मुस्लिम महिलाओं को आर्थिक सहायता !

दरअसल सीएम योगी ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर पीएम मोदी और मुस्लिम महिलाओं के साथ खड़े हैं और उन्होंने फैसला लिया है कि ट्रिपल तलाक से पीड़ित सभी मुस्लिम महिलाओं को यूपी सरकार कानूनी व् अन्य सरकारी सहायता देंगी.

केवल इतना ही नहीं बल्कि ट्रिपल तलाक से पीड़ित महिलाओं को गुजर-बसर करने के लिए यूपी सरकार रानी लक्ष्मी बाई कोश से आर्थिक सहायता भी देगी.

इसे योगी सरकार का मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है क्योंकि कई महिलाएं इस डर से ट्रिपल तलाक के खिलाफ अपनी राय नहीं रख रही थी कि उनका गुजर-बसर कैसे होगा. लेकिन योगी के इस फैसले के बाद मुस्लिम महिलाएं खुलकर अपनी राय सामने रख सकेंगी और इससे पीएम मोदी को ट्रिपल तलाक ख़त्म करने के अपने वादे को पूरा करने में काफी मदद मिलेगी.

मुस्लिम महिलाओं की राय जानेगी सरकार !
यही नहीं बल्कि योगी सरकार ने सभी धर्मों की महिलाओं की सहायता के लिए रानी लक्ष्मीबाई कोश खोलने का फैसला भी ले लिया है. इसके साथ ही ट्रिपल तलाक पर सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले में योगी सरकार मुस्लिम महिलाओं का पक्ष रखने की तैयारी भी यूपी सरकार कर रही है.

सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम महिलाओं का साथ देने के लिए प्रदेश की सभी महिला मंत्रियों की तमाम सामाजिक संगठनों और मुस्लिम महिलाओं के साथ बैठक जारी है. 15 दिन के अंदर-अंदर इस बारे में एक रिपोर्ट तैयार हो जाएगी, जिसकी मदद से मुस्लिम महिलाओं का पक्ष सुप्रीम कोर्ट में अधिक मजबूत हो जाएगा.

सीएम योगी ने प्रदेश की मुस्लिम महिलाओं की ट्रिपल तलाक के बारे में राय जानने के लिए कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही सीएम योगी ने अनिवार्य विवाह पंजीकरण के लिये नियमावली से जुड़े जरुरी प्रस्ताव प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया है.

गौरतलब है कि बीजेपी ने अपने चुनावी घोषणापत्र में वादा किया था कि यूपी में सरकार बनते ही वो ट्रिपल तलाक को ख़त्म करने की दिशा में तेजी से काम करेंगे, और सीएम योगी ने जिस तरह से ट्रिपल तलाक के खिलाफ हल्ला बोल दिया है उसे देखकर लगने लगा है कि अब वो दिन दूर नहीं जब समाज से ट्रिपल तलाक का सदा-सदा के लिए अंत हो जाएगा.

Tuesday, 23 May 2017

मस्सों को सिर्फ 24 घंटे में दूर करते हैं केले के छिलके!


आज के समय में लोग तरह तरह के त्वचा रोगों से घिरे हुए हैं। जिसके से एक त्वचा पर मस्सों की समस्या भी है। कुछ लोगों को गंभीर मस्से होते हैं तो कुछ लोगों को हल्के मस्से होते हैं।

मस्से त्वचा पर एक उपज की तरह होते हैं, और सुसाध्य समझे जाते हैं। यानि कि वे कैंसरयुक्त नहीं होते। इसके बावजूद इनसे ग्रसित कई लोग इन्हें निकालने के लिए आतुर रहते हैं, क्योंकि उनके अनुसार मस्से त्वचा पर अच्छे नहीं दिखते और त्वचा भद्दी और बेकार लगती है।

अपने बदन से इस दाग को हटाने के लिए लोग तरह-तरह से डॉक्टर से परामर्श लेते हैं। कई लोग मस्से हटाने के लिए आॅपरेशन और लेजर ट्रीटमेंट तक करा लेते हैं। आज हम आपको मस्से हटाने के ऐसे अचूक उपाय बता रहे हैं जिससे आपकी समस्या चुटकी बजाते ही सही हो जाएगी। आइए जानते हैं क्या हैं वो उपाय।

केले से करें मस्से दूर
केला पौष्टिक तत्वों से भरपूर फल है। केला स्वास्थ्य लाभ देने के साथ ही मस्सों को भी सफाया करता है।

केले के छिलके में ऑक्सीकरण रोधी तत्व पाए जाते हैं जो मस्सों के लिए काल साबित हुए हैं। केले के छिलके से मस्सों को हटाने के लिए अपने मस्से को केले के छिलके के साथ अच्छी तरह बांध लें। ध्यान रहें इसे इस तरह बांधें कि यह लंबे समय तक टिक सके।

करीब 24 घंटे तक मस्से को बंधा रहने दें। कुछ ही दिनों तक ऐसा करने से मस्सा हमेशा के लिए झड़ जाएगा।
सेब का सिरका भी करता छूमंतर

सेब का सिरका भी मस्सों को छूमंतर करने का एक अचूक उपाय है। बस फर्क यह है कि इससे मस्सा झड़ता नहीं है बल्कि मस्सा धीरे-धीरे जलने लगता है।

दरअसल, सेब के सिरके में मस्से के जीवाणुओं को मारने की शक्ति होती है। साथ ही सेब का सिरका मस्सों को फैलने से भी बचाता है। रोजाना कॉटन या किसी सूती कपड़े में सिरके को रखें और इसे मस्से पर लगाएं। हफ्तेभर तक ऐसा करने से ही मस्से की समस्या से छुटकारा मिलता है।
शहद का करें इस्तेमाल

चाहे बाहरी हो या आंतरिक शहद खूबसूरती बरकरार रखने का सबसे अच्छा तरीका है। त्वचा पर चमक और निखार लाने के साथ ही शहद की मदद से मस्सों से भी छुटकारा पाया जा सकता है।

मस्से पर शहद लगातर इसे डॉक्टर टेप से कवर कर दें। इसे करीब 10 से 12 घंटे तक ऐसे ही ढ़के रहने दें। लगभग 15 दिन तक ऐसा करने से काफी अच्छा रिजल्ट देखने को मिलता है।

Sunday, 21 May 2017

…और सलमान की आंखों से छलक ही गया वो दर्द जिसे उन्होंने बरसों तक छिपा रखा था !


इसमें कोई शक नहीं है कि सलमान खान बॉलीवुड इंडस्ट्री के एक टॉप स्टार हैं.

हालांकि सलमान के बारे में कहा जाता है कि वो काफी मूडी और सख्त मिजाज के इंसान हैं बावजूद इसके उन्हें एक खुशमिजाज और मस्ती करनेवाले इंसान के तौर पर भी जाना जाता है.

दरअसल सलमान खान बॉलीवुड के उन चंद सितारों में शुमार हैं जो अपनी निजी जिंदगी की समस्याओं पर बात करना ज्यादा पसंद नहीं करते हैं. लेकिन अपनी आनेवाली फिल्म ‘ट्यूबलाइट’ के पहले गाने के रिलीज के दौरान सलमान की आंखों से वो दर्द छलक ही गया जिसे उन्होंने बरसों तक छुपाकर रखा था.

सलमान ने अपने दर्द को अपने फैन्स से साझा किया जिसे जानकर हर कोई भावुक हो उठा. दरअसल सलमान ने अपनी उस बीमारी के बारे में बात की जिससे वो सालों से परेशान हैं.

फेसियल डिसऑर्डर से ग्रसित हैं सलमान
अपनी ही फिल्म के एक गाने की रिलीज के मौके पर सलमान अपनी तकलीफ को अपने सीने में छिपा नहीं सके और उन्होंने खुलकर अपनी भावनाओं को व्यक्त किया.

इस खास मौके पर सलमान ने बताया कि वो एक लंबे समय से भयानक दर्द देनेवाली फेसियल डिसऑर्डर नाम की बीमारी से ग्रसित हैं जिसे मेडिकल टर्म में ट्राईजेमिनल न्यूराल्जिया कहते हैं.

इस फेसियल डिसऑर्डर की वजह से सलमान को कई बार असहनीय दर्द से गुजरना पड़ता है लेकिन निराश होने के बजाय उन्हें इस बीमारी से प्रेरणा मिली है कि वो और अधिक मेहनत करें और पूरी तरह से एक्टिंग पर फोकस करें.

सलमान की मानें तो फेसियल डिसऑर्डर में चेहरे के हिस्सों को छूने से चाकू के वार जितना तेज दर्द होता है और कई बार पेनकिलर भी इस दर्द को कम नहीं कर पाते हैं.

इस फेसियल डिसऑर्डर से पीड़ित सलमान ने बताया कि इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस दर्द से गुजर रहे हैं. फिल्म का कोई सीन करते हुए आपके शरीर में कुछ टूट जाए, चाहे आपके घुटनों में चोट आ जाए. ऐसे में आप दर्द का बहाना नहीं बना सकते क्योंकि आपको अपने सीन में बेस्ट देना होता है और वैसे भी आपके दर्द से फैन्स को कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि उन्हें बस आपका बेस्ट सीन याद रहता है.

सलमान के मुताबिक इस फेशियल डिसऑर्डर से पीड़ित लोग दर्द के चलते आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर हो जाते हैं लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी क्योंकि वो इससे लड़ना चाहते थे. इतना ही नहीं सलमान ने उन लोगों को भी हिम्मत रखने की सलाह दी जो छोटे-छोटे हादसों से अपनी जिंदगी खत्म कर लेने की सोचते हैं.

गौरतलब है कि ईद के मौके पर सलमान खान की फिल्म ट्यूबलाइट रिलीज होनेवाली है. लेकिन यहां सलमान के इस फेसियल डिसऑर्डर का दर्द और उनकी हिम्मत से उन तमाम लोगों को सीख लेने की जरूरत है जो अपनी जिंदगी की छोटी-छोटी परेशानियों के आगे घुटने टेक देते हैं.

Thursday, 18 May 2017

व्हाट्सऐप पर आए इस मैसेज को भूल कर भी ना करें क्लिक


अगर आपके किसी दोस्त ने व्हाट्सऐप पर कोई लिंक शेयर किया है जिसमें व्हाट्सऐप के नए अलग-अलग रंगों वाले वर्जन को इंस्टॉल करने की बात की गई है तो इस लिंक पर भूलकर भी क्लिक ना करें।

यह लिंक आपके कंप्यूटर, मोबाइल को बर्बाद कर सकती है। यहां तक की आपके मोबाइल में वायरस भी आ सकते हैं। लिंक कुछ इस प्रकार भेजे जा रहे हैं http://шһатѕарр.com/?colors

दरअसल रेडडिट के एक मेंबर ने व्हाट्सऐप पर शेयर हो रहे इस लिंक को लेकर दावा किया है कि यह वायरस है और इससे आपका फोन खराब हो सकता है। उन्होंने बताया कि यह लिंक व्हाट्सऐप व सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

वायरल हो रही इस लिंक पर क्लिक करने पर व्हाट्सऐप का विभिन्न रंगों वाला वर्जन डाउनलोड करने का दावा किया जाता है और जैसे ही आप इस लिंक पर क्लिक करते हैं तो यह आपको व्हाट्सऐप का नया वर्जन इंस्टॉल करने को कहता है। फिर नए वर्जन को इंस्टॉल करने से पहले आपको इस लिंक को अपने दोस्तों के साथ शेयर करना का मैसेज मिलता है।

अगर आप ध्यान देंगे तो पाएंगे इस वेबसाइट पर अलग तरीके के फॉन्ट का इस्तेमाल किया गया है। इस लिंक को Cyrillic अलफाबेट में डिजाइन किया गया है। ये वेबसाइट कुछ шһатѕарр.com इस रूप में नजर आती है।

लिंक पर क्लिक करने पर कई बार यूजर्स को अलग-अलग http://blackwhats.site/ जैसे यूआरल पर रिडायरेक्ट किया जाता है। तो आपके लिए यही बेहतर है कि कलरफुल व्हाट्सऐप के टक्कर में ना पड़ें और इस प्रकार के लिंक पर क्लिक ना करें।

Wednesday, 17 May 2017

Youtube वीडियो देखकर खेत में ही बनाई लैब, 10th पास किसान आज मशरूम से कमा रहा लाखों


कुरुक्षेत्र के भौर सैयदां गांव के हरपाल सिंह बाजवा ने मशरूम उत्पादन से शुरू किए बिजनेस में एक कदम आगे बढ़ाते हुए स्पॉन मेकिंग (मशरूम का बीज तैयार करने की एक विशेष विधि, जिसमें उसे एक निश्चित तापमान पर रखा जाता है) में महारत हासिल की है।
10वीं पास किसान हरपाल ने 50 हजार से मशरूम उत्पादन शुरू किया और लाखों रुपए कमा रहे हैं। उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से स्पॉन मेकिंग के लिए एक लैब तैयार कर रखी है, जिसमें हर साल 1500 किलो स्पॉन तैयार कर रहे हैं।

किसानों के लिए हैं रोल मॉडल, आगे पढ़िए कैसे तय किया सफर...
- हरपाल सिंह बाजवा बताते हैं कि पहले वे परंपरागत खेती करते थे। वर्ष 1995 में मात्र 50 हजार रुपए से मशरूम उगाना शुरू किया। धीरे-धीरे मुनाफा हुआ तो इस तरफ ध्यान बढ़ा।

- कृषि विज्ञान केंद्र कुरुक्षेत्र और खुंब अनुसंधान निदेशालय सोलन के सहयोग से अत्याधुनिक तकनीक की जानकारी ली और अपनी जमीन पर ही मशरूम के लिए कंपोस्ट बनाना शुरू कर दिया। किसानों ने कंपोस्ट खरीदना शुरू कर दिया तो इसके लिए सोलन से बीज लाना पड़ता था।

- बीज की आवश्यकता बढ़ी तो एक अत्याधुनिक स्पॉन (मशरूम का बीज तैयार करने की एक विशेष विधि, जिसमें ) लैब लगाने का मन बनाया और अपने खेत में ही स्पॉन लैब लगा दी। इसके लिए हरियाणा सरकार के बागवानी विभाग ने सब्सिडी दी और बैंक ने लोन दिया।

- कुल 62 लाख रुपए का लोन लिया। रिश्तेदारों ने रोका कुछ ने तो मदद करने से भी इनकार कर दिया, लेकिन उन्होंने कदम पीछे नहीं हटाए, आज स्थिति ये है कि वे हरियाणा के प्रगतिशील किसानों में से एक है।

- वे मशरूम उत्पादन, कंपोस्ट मेकिंग और स्पॉन प्रोडक्शन से लाखों रुपए कमा रहे हैं।

जिला स्तर से लेकर मुख्यमंत्री और यूनिवर्सिटी ने कर रखा है सम्मानित
- हरपाल सिंह जिला स्तर के साथ-साथ हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला, पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा से भी सम्मानित हो चुके हैं।

- इसके साथ-साथ 3 बार हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय और खुंब अनुसंधान निदेशालय सोलन ने भी उन्हें सम्मानित किया है। यू-ट्यूब से देख-देखकर विदेशी तर्ज पर बनवाई लाखों की मशीनें हजारों में
- हरपाल सिंह बाजवा बताते हैं कि उन्होंने इस क्षेत्र में अधिक से अधिक आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया है। अपने यहां कुछ मशीनों को विदेशों की तर्ज पर बनवाया है।

- उन्होंने यू-ट्यूब से मशीनें देख-देखकर लाखों रुपए की मशीनें हजारों रुपए में तैयार करवाई है। कंपोस्ट मिलाने के लिए कंपोस्ट फिलिंग मशीन, कंपोस्ट बैग भरने के लिए कंपोस्ट बैग फिलिंग मशीन अपने यहां ही तैयार कराई है।

अब 30-35 डिग्री में भी उगा सकते हैं मशरूम
- हरपाल सिंह बाजवा बताते हैं कि अमूमन मशरूम सर्दियों में उगाई जाती है, लेकिन स्पॉन मेकिंग लैब में उन्होंने अमेरिका के पेनसिलवेनिया से स्पॉन मंगाकर मशरूम का ऐसा बीज मंगाया है, जिससे अब किसान 30-35 डिग्री में भी मशरूम उगा सकते हैं। इस तकनीक का फायदा उठाने के लिए अधिक से अधिक किसान उनसे संपर्क कर रहे हैं।

ये है स्पान मेकिंग प्रोसेस
- मशरूम का बीज वैज्ञानिक तरीके से तैयार किया जाता है। इन बीजों को बोतल या पॉलिथिन की थैलियों में 250 या 500 ग्राम/बोतल या थैली भरते है।

- थैली के मुंह पर पहले लोहे का छल्ला लगाते हैं फिर उसमें रूई की डाट लगाते हैं। बोतल या थैली को जीवाणुविहीन करने के लिए आटोक्लेव/कुकुर में 22 पौंड दाब/वर्ग इंच पर 2 घंटे रखते है। ठंडा होने पर माध्यम में मशरूम बीज (स्पान) मिलाते हैं।

- यह कार्य जीवाणुविहीन कक्ष में किया जाता है। मशरूम फफूंद की वृद्धि इन दानों पर 15-20 दिनों में हो जाती है और फफूंद के क्वकजाल द्वारा सम्पूर्ण दाने ढक लिए जाते हैं, इसे मशरूम का बीज (मदर स्पान) कहते है। इस प्रकार तैयार बोतलों से बीज दूसरी बोतल में मिलाया जाता है तब इसे प्रथम संतति स्पान कहते हैं।

VIRUS को पसंद है यूजर की ये 8 गलतियां, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे



इन दिनों रेनसमवेयर वायरस ने लोगों में डर पैदा कर दिया है। यदि ये वायरस आपके सिस्टम में आता है तब आपको डाटा बचाने के लिए हैकर्स की डिमांड के मुताबिक पैसा देना होगा। वायरस के डर से देशभर में कई जगह 3 दिन तक ATM भी बंद कर दिए गए हैं। साथ ही, लोगों को वायरस से बचने की सलाह दी जा रही है। सोशल मीडिया फेसबुक और वॉट्सऐप पर भी इससे बचने के टिप्स दिए जा रहे हैं।

- वॉट्सऐप पर एक मैसेज तेजी से फैल रहा है जिसमें बताया गया है कि 'tasksche.exe' नाम की फाइल आपके मेल पर आए तो उसे ओपन नहीं करे।
- इस फाइल पर जैसे ही यूजर क्लिक करेगा उसके सिस्टम में वायरस आ जाएगा और उसके डाटा को तुरंत ब्लॉक कर देगा।

- रेनसमवेयर वायरस उन्हीं सिस्टम पर अटैक कर रहा है जो विंडोज बेस्ड हैं।
- वैसे, आपके PC में वायरस आने के अन्य जरिए भी हो सकते हैं।

- यूजर से डेली वर्क के दौरान कुछ कॉमन मिस्टेक होती हैं, जिन्हें वो लगातार दोहराता भी है।






















Tuesday, 16 May 2017

चीन सड़कों पर अचानक छा गया अंधेरा और होने लगी आग की बारिश !


चीन के शेनयांग शहर में अचानक अंधेरा छा गया और आसमान से आग की बारिश होने लगी। जो लोग उस वक्त सड़कों पर अपनी कारों में मौजूद थे वो इस घटना को देखकर दहशत में पड़ गए।

दिलचस्प बात यह है कि यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हुआ है, जो इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।

चाईना प्लस न्यूज के मुताबिक, आठ सेकेंड का यह वीडियो 11 मई को शेनयांग शहर के डैशबोर्ड कैमरे में कैद हुआ था। चैनल की रिपोर्ट के अनुसार यह घटना बिजली गिरने की है।

शिनयांग शहर में सड़क पर जब बिजली गिरी थी कब सड़क पर काफी ट्रैफिक था। घटना के दौरान गनीमत यह रही कि किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ। वीडियो में साफतौर पर देखा जा सकता है कि सड़क पर सामान्य दिनों की तरह गाड़ियां गुजर रही थीं।

तभी वहां कुछ देर के लिए अंधेरा छा जाता है। इसके बाद दिखता है कि आसमानी बिजली सड़क पर गिरी है। बिजली का गिरना ऐसा दिख रहा जैसे आसमान से आग की बारिश हो रही है

डॉक्‍टर्स समझ रहे थें पेट में हैं 10 बच्‍चे लेकिन ऑपरेशन के बाद निकला कुछ ऐसा जिसे देखकर डॉक्टर्स के भी उड़ गए होश


रूस के मैक्सिको की रहने वाली रहने वाली एक 24 वर्षीय महिला का पेट पिछले 11 महीनों से असाधारण तौर पर बढ़ रहा था।

हद तो तब हो गई जब इस महिला का पेट अपने औसत आकार से कई गुना ज्यादा बढ़ गया. आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इस महिला ने कितनी असहनीय पीड़ा को बर्दास्त किया होगा।

अंग्रेजी वेबसाइट डेलीमेल की खबर के मुताबिक बर्दास्त की हद पार होने के बाद जब यह महिला डॉक्टरों के पास पहुंची तब डॉक्टर्स को लगा कि उसके पेट में लगभग 10 बच्चे पल रहे हैं।

लेकिन जब महिला का आपरेशन किया गया तब डॉक्टर हैरान रह गए। दरअसल महिला का पेट एक बड़े ट्यूमर के कारण इतना निकल आया कि ऐसा लगने लगे उसमें 10 नवजात पल रहे हैं।

डॉक्टर उस वक्त बेहद हैरान हुए जब चेकअप के दौरान उन्हें पता लगा कि पेट में बच्चे नहीं बल्कि वो तो एक बड़ा ट्यूमर है। जिसका वजन 31 किलो से भी ज्यादा था।

आप सोच कर देखिये कि इतने बड़े ट्यूमर को वो महिला कैसे झेलती होगी। महिला का ये ट्यूमर उसके पेट से 95% बड़ा है।

हालांकि डॉक्टरों ने इस ट्यूमर को पूरा जड़ से निकाल दिया है ताकि ट्यूमर से निकले लिक्वेड के जरा भी हिस्से से इस महिला को किसी भी तरह की दिक्कत न हो। डॉक्टरों का मानना है कि ये दुनिया में अब तक का सबसे बड़ा ट्यूमर है जो सर्जरी के जरिए किसी के पेट से निकाला गया हो।

Monday, 15 May 2017

14 साल के बच्चे के इस कारनामे को देख न केवल साइंटिस्ट हैरान, बल्कि पाकिस्तान का भी होने वाला है बुरा हाल !


इसमें कोई शक नहीं, कि हमारे भारत देश में हुनर कूट कूट कर भरा है. बस कोई उस हुनर को ढूढ़ने और पहचानने वाला चाहिए.

जी हां भारत में कितने ही ऐसे लोग हैं, जिनके दम पर भारत नाजाने किस मुकाम तक पहुंच सकता है. वैसे आज हम आपको एक ऐसे ही होनहार और प्रतिभाशाली बच्चे के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने देश के लिए बहुत बड़ा काम कर दिखाया है.

यहाँ तक कि उसके इस कारनामे ने देश के बड़े बड़े वैज्ञानिकों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया. आपको जान कर हैरानी होगी, कि इस बच्चे की वजह से भारत के सैनिको की ताकत भी बढ़ गई.

आपको बता दे कि अहमदाबाद का एक 14 साल का छात्र जिसका नाम हर्षवर्धन सिंह जाला है. वो एक दिन टीवी पर डिस्कवरी साइंस देख रहा था. दरअसल इसमें यह बताया जा रहा था, कि अमेरिकी सैनिक कैसे ईराक में बारूदी सुरंग खोज कर उसे नष्ट कर रहे थे और ठीक उसी समय एक सुरंग में विस्फोट हो गया.

जिसमे कई सैनिक गंभीर रूप से घायल भी हो गए. इसके बाद उस छोटे से बच्चे जाला ने सोचा कि क्या हम कोई ऐसी डिवाइस बना सकते हैं, जो बारूदी सुरंगो को नष्ट करके भारतीय सैनिकों की मदद कर सके. इसके इलावा ऐसी डिवाइस जिससे सैनिकों की जान को कोई खतरा भी न हो?

गौरतलब है, कि हर्षवर्धन को बचपन से ही विज्ञान में काफी रूचि थी. ऐसे में उसके दिमाग में इस बात को लेकर कई तरह के विचार आने लगे.

फिर हर्षवर्धन ने समय न गवाते हुए उसी समय इंटरनेट पर रिसर्च करना शुरू कर दिया. आपको जान कर हैरानी होगी, कि उसने एक ऐसा ड्रोन बनाया जो जमीन से 2 फीट ऊपर उड़कर रेडियो तरंगो को फैलाता है. इसके इलावा आपको ये भी बता दे कि ये तरंगे हवा में फैलकर किसी भी विस्फोटक चीज का पता लगा सकती है.

वही ये ड्रोन लेजर से गुजर कर बारूदी सुरंग को भी नष्ट कर सकता है. ऐसे में हर्षवर्धन की इस रिसर्च में गुजरात सरकार ने भी काफी योगदान दिया.

जी हां दरअसल सरकार ने हर्षवर्धन को इस काम के लिए करीब 3 लाख रूपये दिए. फिर आख़िरकार हर्षवर्धन सिंह झाला ने ड्रोन बना ही दिया. इसके बाद इस ड्रोन को सेना ने भी आजमाया और फिर सेना ने इस ड्रोन को अप्रूव कर दिया.

आपको जान कर बिलकुल आश्चर्य नहीं होगा, कि इस छात्र को गुजरात सरकार ने इसके कमर्शियल उत्पादन के लिए साइंस एंड टेक्नोलाॅजी विभाग की तरफ से 5 करोड़ का एमओयु साइन किया है. जिसके चलते हर्षवर्धन ने एक प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी बनाई और इसके लिए स्टेट बैंक आॅफ इंडिया ने उसे लोन भी दिया.

शादी के दस साल बाद अभिषेक ने ऐश्‍वर्या को लेकर किया बड़ा खुलासा, जानकर चौंंक जाएंगे आप


बॉलीवुड की शानदार जोड़ियों में से एक ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन ने 20 अप्रैल, 2007 को शादी की थी। इस साल अप्रैल में दोनों की शादी को 10 साल हो जाएंगे।

अपनी शादी और ऐश को प्रपोज करने के पलों को याद करते हुए अभिषेक ने ट्विटर अकाउंट पर काफी कुछ लिखा है। अपने पुराने दिनों को याद करते हुए अभिषेक ने ऐश्वर्या के साथ अपने इस सफर को बेहद ही खुशनमा कहा है।

उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि 10 साल पहले न्यूयॉर्क की कड़कड़ाती ठंड में बॉलकनी में खड़े होकर मैंने ऐश्वर्या से पूछा था- मुझसे शादी करोगी। इस पर ऐश्वर्या ने जवाब दिया था- ‘हां’।

अभिषेक के मुताबिक उन्होंने तेज धड़कते दिल से ऐश को प्रपोज किया था और ऐश्वर्या ने हां कहने में एक सेकेंड का भी समय नहीं लिया था।

ये लम्हा ऐश और अभिषेक दोनों की जिदंगी में बहुत खास है। आपको बता दें कि मणि रत्नम की फिल्म ‘गुरु’ के प्रीमियर के तुरंत बाद ही अभिषेक ने ऐश्वर्या को प्रपोज किया था।

क्या आपको मालूम है कि फिल्म ‘ढाई अक्षर प्रेम के’ में ऐश्वर्या और अभिषेक ने पहली बार साथ काम किया था। इसके बाद दोनों फिल्म ‘उमराव जान’ में भी एक साथ नजर आए थे। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं।

फिल्म ‘गुरु’ को रिलीज हुए भी 10 साल हो चुके हैं। ये फिल्म 12 जनवरी, 2007 को रिलीज हुई थी। अभिषेक-ऐश्वर्या की शादी को भी 10 साल होने वाले हैं। आज दोनों 5 साल की बेटी आराध्या के माता-पिता हैं।

आपको बता दें कि एक समय अभिषेक की शादी करिश्मा कपूर सो होने वाली थी। अक्टूबर 2002 में अभिषेक और करिश्मा की सगाई भी हो गई थी लेकिन जनवरी 2003 में ये रिश्ता टूट गया। इसके करीब 4 साल बाद अभिषेक और ऐश्वर्या की शादी हुई।

Sunday, 14 May 2017

PC में छुपा हो सकता है खतरनाक 'रैनसमवेयर' virus, ऐसे करें खुद चेक


गैजेट डेस्क। दुनिया के 100 से ज्यादा देशों में हुए अब तक के सबसे बड़े साइबर अटैक में रैनसमवेयर (Ransomware) नाम के वायरस की भूमिका सामने आई है।

ये मालवेयर कैटेगरी के ये वायरस यूजर्स के पीसी या लैपटॉप की स्क्रीन पर डरावने मैसेज या अश्लील तस्वीरें डिस्पले करके ब्रॉउजर, ऑपरेटिंग सिस्टम या पर्सनल डाटा को ब्लॉक कर देता है।

इसके बाद टेक्स मैसेज के जरिए फिरौती मांगता है जो Bitcoin नाम की डिजिटल करेंसी में होती है। UK और अन्य देशों में हुए अटैक में ये फिरौती मिनिमम 300 Bitcoin (करीब 3.25 करोड़ रुपए) मांगी जा रही है। साइबर एक्सपर्ट्स ऋतु माहेश्वरी के अनुसार ये वाइरस विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम वाले कम्प्यूटर्स को पहला शिकार बना रहा है। …फिरौती वसूलने वाला वायरस है रैनसमवेयर

रैनसमवेयर दो तरह के होते हैं: WinLock और Crypto. इनमें WinLock एक तरह का नॉन-एनक्रिप्शन रैनसमवेयर है जिसे रैनसमवेयर ट्रोजन के नाम से भी जानते हैं।

दूसरा, Crypto Ransomware एक ऐसा रैनसमवेयर है जो यूजर के डॉक्यूमेंट को एनक्रिप्ट करते हुए उसे हाईजैक कर लेता है, उसका एक्सटेंशन बदल देता है, और फिर यूजर को फिरौती के रूप में पैसा देने का मैसेज भेजता है । पैसे अक्सर TOR ब्राउजर की मदद से Bitcoin के जरिए लिए जाते हैं।

# ऐसे सर्च करें अपने पीसी-लैपटॉप में वायरस

अगर आपके कम्प्यूटर की स्पीड स्लो हो रही है और उसमें लगातार अनचाहे मैसेज आ रहे हैं तो ये वायरस होने के संकेत है। वायरस के आने के दो सबसे बड़े सोर्स हैं: इंटरनेट और एक्सटर्नल हार्डवेयर जो पेन ड्राइव, डीवीडी या हार्डडिस्क हो सकती है। साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट एंड्रा जहारिया बता रही हैं कि आपको अपने विंडोज बेस्ड कम्प्यूटर में वायरस मालवेयर कैसे सर्च करें और उन्हें कैसे हटाएं :

1- सबसे पहले कम्प्यूटर में वायरस डिफेंडर सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करें। ये टूल्स माइक्रोसॉफ्ट ने मुफ्त में अपनी ऑफिशियल साइट पर डॉउनलोड सेक्शन में अवेलेबल करा रखे हैं। डाउनलोड करने के लिए लिंक है: https://www.microsoft.com/en-us/security/portal/mmpc/products/default.aspx

2- यहां से अपने ऑपरेटिंग सिस्टम के हिसाब से Windows Defender या malicious software removal tool डाउनलोड कर लें और उसे रन करके इंस्टॉल कर लें।

3- अब अपने पीसी या लैपटॉप को विंडोज की SafeMode में ले जाकर डाउनलोड किए गए डिफेंडर या मालवेयर टूल से डीप स्कैन करके वायरस सर्च (नीचे दी गई माइक्राेसॉफ्ट लिस्ट में नाम देखकर) करें और स्क्रीन पर आए इंस्ट्रक्शन्स के अनुसार उन्हें रिमूव करते जाएं।

4- कई ऐसे वायरस और मालवेयर हैं जो इस तरह की सर्च में पकड़ में नहीं आते हैं। उन्हें रिमूव करने के लिए एक्सपर्ट की हेल्प लें और नॉन पाइरेटेड एंटी वायरस इंस्टॉल करके रखें।

# माइक्रोसॉफ्ट ने जारी की है 10 रैनसमवेयर की लिस्ट
माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कंप्यूटर्स को रैनसमवेयर से बचाने के लिए 10 वाइरस फाइलों की एक लिस्ट जारी की है। रैनसमवेयर विंडोज बेस्ड सिस्टम पर सबसे पहले अटैक कर रहे हैं ऐसे में यूजर्स को अपने सिस्टम में इन 10 फाइल्स को सर्च करके एंटी वाइरस या एंटी-मालवेयर सॉफ्टवेयर की मदद से डिलीट कर देना चाहिए।
# सर्च करेंये10तरह की फाइल्स
Ransom:HTML/Tescrypt.E
Ransom:HTML/Tescrypt.D
Ransom:HTML/Locky.A
Ransom:Win32/Locky

Ransom:HTML/Crowti.A
Ransom:HTML/Exxroute.A
Ransom:Win32/Cerber.A
Ransom:JS/FakeBsod.A
Ransom:HTML/Cerber.A
Ransom:JS/Brolo.C

अगर आप फेसबुक यूजर है तो बड़ी आसानी से मिल सकता है 1 लाख रुपये तक का लोन


लोन लेने के लिए अब आपको बैंक पर निर्भर रहने की जरुरत नहीं रहेगी। अब यदि आप का फेसबुक पर अकाउंट है और आप कही पे नौकरी करते हैं तो आप पा सकते है 1 लाख रुपये तक का लोन।

बात थोड़ी अटपटी सी लगती है मगर सच है।

Early Salary पुणे की एक कंपनी है जिसने एक ऐसा मोबाइल एप लांच किया है जिसके जरिये आप 24 घंटे के अंदर-अंदर 1 लाख रुपये तक का लोन प्राप्त कर सकते हैं।

इसके लिए बस आपको इतना ही करना होगा कि Early Salary ऍप को अपने फ़ोन में इनस्टॉल करें और लोन के लिए अप्लाई कर दें।
इस ऍप की विशेषता ये है कि लोन लेने के लिए आपको किसी कागजी कार्यवाही की जरुरत नहीं पड़ेगी। इस ऍप के जरिये कंपनी आपके फेसबुक और लिंक्डइन के स्टेटस को चेक करके स्टेटस के आधार पे आपको लोन देती है।

और ख़ास बात ये है कि जितना अच्छा सोशल सर्किल, लोन का इंटरेस्ट भी उतना ही काम होगा।
लोन लेने से पहले ये बातें जाननी जरुरी है।

1. इस तरीके से लोन लेने के लिए पिछले 3 महीने की बैंक स्टेटमेंट, पैन कार्ड और फेसबुक व् लिंक्डइन अकाउंट होना जरुरी है।
2. इन डाक्यूमेंट्स को ऍप पर अपलोड करने के बाद लोन पास होगा और 24 घंटे के अंदर-अंदर पैसे अकाउंट में मिल जायेंगे।

3. इस तरह मिले लोन पर 2.5 फीसदी की दर से ब्याज लगेगा।
4. अभी ये कंपनी सिर्फ पुणे में ही लोन दे रही है मगर जल्दी ही कंपनी पुरे देश में अपना विस्तार करेगी।

कंपनी से मिली जानकारी के अनुसार उनका लक्ष्य है कि वो अगले १ वर्ष में 300 करोड़ रुपये तक का लोन देंगे। कंपनी के सीईओ का कहना है कि इस सेवा के जरिये वो युवाओं को फायदा पहचान चाहते हैं कुकी युवाओं की सैलरी कम और खर्चे बहुत ज्यादा होते है।

हमें ये खबर सूत्रों के हवाले से मिली है इसलिए लोन अप्लाई करने से पहले कृपया कंपनी की शर्ते ध्यान से पढ़ लें।

Saturday, 13 May 2017

ऐसे निकाल सकते हैं किसी भी नंबर की कॉल डिटेल, छोटी सी है प्रॉसेस



गैजेट डेस्क।गूगल प्ले स्टोर पर एक ऐसा ऐप है जिसकी मदद से किसी भी नंबर की कॉल डिटेल निकाली जा सकती है।

आपको अपने जिस नंबर की कॉल डिटेल निकालना है उस फोन में 'mubble app ' इंस्टॉल करना होगा। इसके बाद ये ऐप उस फोन के यूजर द्वारा किए गए सभी आउटगोइंग कॉल की डिटेल उसके मेल आईडी पर सेंड कर देता है।

इससे प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों की कॉल डिटेल निकाल सकते हैं। इस प्रोसेस में इनकमिंग कॉल्स की डिटेल्स नहीं निकलती है और ये सिर्फ यूजर की ऑउटगोइंग कॉल्स का डाटाबेस मैनेज करता है।

ये ऐप ऐसे करता है काम
- फोन में ऐप इंस्टॉल करने के बाद जिस नंबर की कॉल डिटेल आप निकालना चाहते हैं, वो नंबर डालना पड़ता है।

- प्राइवेसी को लेकर यूजर कुछ परमिशन लेने के बाद ऐप काम करना शुरू कर देता है।

- बिल का मेल उसी आईडी पर आता है जो लॉगइन के दौरान दी गई होती है। इसमें डेट, टाइम, नंबर और कॉल ड्यूरेशन जैसी पूरी डिटेल होती है।
- इसके जरिए यूजर 7 दिन से 30 तक का कॉल डिटेल निकाल सकते हैं।

Recharge Plans & Prepaid Bill (mubble app) के बारे में
- mubble appनाम का यह फ्री एंड्रॉइड ऐप है। इसका साइज 4.49MB है।

- इस ऐप को Recharge Plans & Prepaid Bill भी कहा जाता है।
- यह 4.2 या इसके ऊपर के एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है।

- ऐप डेवलपर का दावा है कि इससे Airtel, Vodafone, Idea, JIO, BSNL, Aircel, Reliance, Docomo के अलावा अन्य टेलिकॉम ऑपरेटर्स के नंबर्स की डिटेल निकाली जा सकती है। बैलेंस और डाटा चेक भी कर सकते हैं

-इस ऐप से यूजर्स अपना बैलेंस और डाटा चेक कर सकते हैं।

-लो डाटा बैलेंस होने पर ये रिमाइंडर भी देता है।
- यहां से आप किसी भी मोबाइल नंबर पर रिचार्ज करा सकते हैं।

Friday, 12 May 2017

टी-20 में रच गया इतिहास, भारतीय बल्लेबाज ने 39 गेंदों पर ठोका दिया दोहरा शतक


नई दिल्ली(12 मई): मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम से मात्र 13 किलोमीटर दूर माटुंगा जिमखाना में इतिहास रचा गया। यहां खेले गए एक स्कूल लीग टी-20 मुकाबले में 19 साल के क्रिकेटर रुद्र दांडे ने 67 गेंदों में नाबाद 200 रनों की पारी खेलकर इतिहास रच दिया।

- मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (एमसीए) के द्वारा आयोजित आबिस रिजवी चैंपियंस ट्रॉफी सुपर-8 कॉलेज टी-20 टूर्नामेंट में रिजवी और पी डालमिया कॉलेज के बीच खेले गए मैच में रूद्र ने 21 चौके और 15 छक्कों के साथ यह रिकॉर्ड पारी खेली।

- रुद्र ने मात्र 39 गेंदों में शतक जड़ डाला।

- रूद्र से पहले इसी साल फरवरी महीने में खेले गए एक टी-20 मैच में दिल्ली के मोहित अहलावत ने 322 रनों की पारी खेलकर सनसनी मचा दी थी।

- अंतरराष्ट्रीय स्तर की बात करें तो फर्स्ट क्लास प्लेयर के तौर सबसे बड़े स्कोर का रिकॉर्ड श्रीलंका के धानुका पाथिराणा के नाम है। धानुका ने साल 2007 में लंकाशायर के लिए खेलते हुए 72 गेंदों में 277 रनों की पारी खेली थी।

- रुद्र दांडे की इस पारी की दम पर रिजवी कॉलेज ने 20 ओवर में दो विकेट पर 322 रन का स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में डालमिया कॉलेज की टीम 10.2 ओवर में 75 रन पर ऑलआउट हो गई। रिजवी कॉलेज ने ये मैच 247 से जीता।